दरअसल, अमेरिका की एक चुनावी सभा में अपने भाषण को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह 12 महीनों के भीतर ऊर्जा और बिजली की कीमत आधी कर देंगे। सोशल मीडिया पर इसे ‘रीपोस्ट’ करते हुए केजरीवाल ने लिखा कि ट्रंप ने घोषणा की है कि वह बिजली की दरें आधी कर देंगे। ‘मुफ्त की रेवड़ी’ अमेरिका तक पहुंच गई।
वहीं, आप के दूसरे नेताओं ने भी इसके सहारे दिल्ली सरकार की तरफ से दी जा रही मुफ्त की सेवाओं के हक में अपनी बात रखी। साथ में दिल्ली सरकार के कामों की वैश्विक स्तर पर मिल रही स्वीकार्यता का दावा भी किया।
इस पर वीरेंद्र सचदेवा का कहना है कि अपनी सियासी महत्वाकांक्षा के लिए केजरीवाल पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। ट्रम्प ने अपने चुनावी भाषण में बिजली उत्पादन बढ़ाने और बिजली की दरें घटाने पर जोर दिया था, जो एक आर्थिक दृष्टिकोण से उचित निर्णय है।
लेकिन केजरीवाल ने इसे रेवड़ी कहकर अपनी दिल्ली सरकार की बिजली नीति से जोड़ने की कोशिश की, जो पूरी तरह झूठा और भ्रामक है। उनकी सलाह है कि केजरीवाल को अंतरराष्ट्रीय मामलों पर बयानबाजी से बचना चाहिए।