बल्लभगढ़। महंगे दाम पर भारतीय दवाएं खरीदने का झांसा देकर साइबर ठगों ने मलेरना गांव के देवानंद से 4.42 लाख रुपये ऐंठ लिए।
करीब डेढ़ साल पहले ठगी का शिकार हुए देवानंद को सूचना मिली कि जयपुर (राजस्थान) की साइबर पुलिस ने कुछ आरोपियों को पकड़ा है।
आरोपियों के कंप्यूटर में पीड़ित को भी ठगने संबंधी मेल मिले हैं। इस पर उन्होंने सेक्टर सात थाने में केस दर्ज कराया है। देवानंद के मुताबिक सितंबर 2014 में उसके पास कथित यूनाइटेड किंग्डम (यूके) स्थित बेक्सटर दवा कंपनी के किसी डॉ.मोजिज की ईमेल आई थी।
ईमेल में बताया गया था कि कंपनी को भारत स्थित कुछ दवाएं खरीदनी हैं। भारत में इनके एक पैकेट की कीमत 36000 रुपये है जबकि कंपनी में यह पैकेट करीब तीन लाख रुपये में खरीदती है।
ईमेल में उन्हें इस दवा की सप्लाई करने को आमंत्रित किया गया था। अच्छा मुनाफा देख उन्होंने दवा आपूर्ति के लिए स्वीकृति दे दी। दूसरी मेल में उन्हें बताया गया कि भारत में मुकेश सिंह इस दवा के सप्लायर हैं।
उन्होंने मुकेश सिंह से संपर्क किया तो सैंपल के रूप में सात पैकेट खरीदे। इसके लिए उन्होंने एक खाते में 2.52 लाख रुपये जमा करवाए थे। पैकेट मिलने के बाद उन्हें बताया गया कि यूके से फ्रैंकलिन नाम का व्यक्ति आ रहा है वह नगद भुगतान कर पैकेट लेगा।
दो दिन बाद उन्हें किसी सुभाष ने फोन कर बताया कि डॉलर में भुगतान करने से पहले कस्टम ड्यूटी के रूप में 1.40 लाख रुपये और जमा कराने होंगे।
उन्होंने धन किसी राजेश शंकर सिंह के खाते में जमा करवाया, इसके तीन दिन बाद की नामक महिला ने फोन कर 50 हजार रुपये और कस्टम के रूप में जमा करवाने को कहा। उन्होंने यह धन भी जमा करवा दिया।
इसके बाद से ठगों ने फोन उठाना और ईमेल पर बातचीत करना भी बंद कर दिया। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले जयपुर की साइबर पुलिस ने उन्हें फोन कर बेक्सटर कंपनी के नाम पर धोखाधड़ी का शिकार बनाए जाने के बारे में पूछा था।
बताया गया कि जयपुर में कुछ आरोपी पकड़े गए हैं जिनके कंप्यूटर और ईमेल में देवानंद से धन वसूल किए जाने की डिटेल दी गई थी। एसएचओ सेक्टर सात ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है।
मामले की जांच की जा रही है, यदि आरोपी जयपुर में पकड़े गए हैं तो उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लाकर पूछताछ की जाएगी।