आर्थिक अपराध शाखा ने फर्जी कंपनी बनाकर कारोबारियों से 7 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ठगी के एक मामले में नोएडा की लुकसर जेल में बंद था। अदालत से अनुमति के बाद आर्थिक अपराध शाखा ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वह अब तक दिल्ली, यूपी, पंजाब और बिहार के 30 से अधिक कारोबारियों से ठगी कर चुका है।
संयुक्त आयुक्त ओपी मिश्रा ने बताया कि मूलत: बुलंदशहर और हाल पालम निवासी आरोपी मनोज कुमार कारोबारियों से कंप्यूटर के पुर्जे, इलेक्ट्रॉनिक सामान लेने के बाद 25 फीसदी नकद देता था और बाकी रकम पोस्ट डेटेड चेक (पीडीसी) देने का झांसा देकर फरार हो जाता था। वर्ष 2018 में पराग पाहवा ने मोती नगर थाने में शिकायत दी कि बालाजी ओवरसीज नाम की कंपनी ने उन्हें 500 एलईडी टेलीविजन का ऑर्डर दिया। टेलीविजन लेने के बाद 34.50 लाख रुपयों के लिए पोस्ट डेटेड चेक दिए, जो बाउंस हो गए।
जांच के दौरान पता चला कि कंपनी फर्जी है और पुलिस को आठ अन्य कारोबारियों ऐसी ही शिकायत मिली। इनसे 7 करोड़ की धोखाधड़ी की गई थी। इसके बाद जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई है। इस बीच पता चला कि आरोपी को नोएडा सेक्टर-20 थाना पुलिस ने ठगी के एक मामला में गिरफ्तार किया है। इस पर पुलिस उसे लुकसर जेल से न्यायिक हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
दिल्ली से बाहर 5 मुकदमे दर्ज
बुलंदशहर के सैदपुर निवासी मनोज निजी कंपनी अंसल एपीआई में 15 वर्ष तक एजीएम था। वर्ष 1990 में वह दिल्ली के पालम इलाके में आ गया। दिल्ली से बाहर उसके खिलाफ पांच मामले दर्ज हैं। वर्ष 2017 में फर्जीवाड़े के मामले में बैंक ने पालम स्थित उसके घर को नीलाम कर दिया। वर्ष 2016 में उसने पंचकूला में डीके इंटरप्राइजेज नाम की कंपनी खोलकर ठगी शुरू कर दी।