व्हाइट मनी के बदले अतिरिक्त कैश देने का वादा कर ठगी करने वाले एक गैंग का मध्य जिला की पटेज नगर थाना पुलिस ने भांडाफोड़ किया है। आरोपी गैंग दिल्ली के कई कारोबारियों से लाखों रुपये की ठगी कर चुका था। पुलिस ने इस संबंध में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान मुख्य आरोपी निरतान, खरखौदा, सोनीपत निवासी अनुज (27) और इसके साथी लतीफ गार्डन, असंद रोड, पानीपत हरियाणा निवासी विक्रम (29) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास आठ लाख रुपये, वारदात में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल, एक वर्ना कार व एक फर्जी नंबर प्लेट बरामद की है। दोनों आरोपी ज्यादातर प्रॉपर्टी डीलरों को निशाना बनाते थे। अक्सर प्रॉपर्टी डीलर डर की वजह से पुलिस से शिकायत भी नहीं करते थे। पुलिस दोनों से पूछताछ कर इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों ने अब तक कितने लोगों के साथ ठगी की है।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त संजय भाटिया ने बताया कि जुलाई माह में वेस्ट पटेल नगर निवासी योगेश बंसल नामक प्रॉपर्टी डीलर ने आठ लाख रुपये ठगी की शिकायत दी थी। योगेश ने बताया कि उनके दोस्त मुकेश गुप्ता ने उनको एक लोकल प्रॉपर्टी डीलर करण के जरिये अनुज नामक शख्स से मिलवाया था। अनुज ने कहा कि उसे वाइट मनी के रूप में आठ लाख रुपयों की सख्त जरूरत है। इसके बदले वह नौ लाख रुपये कैश दे देगा। योगेश इसके लिए तैयार हो गए।
एक जुलाई को अनुज ने मुकेश गुप्ता को कॉल कर कहा कि वह अपने छोटे भाई को नौ लाख रुपये लेकर भेज रहा है। रुपये लेने के बाद वह तुरंत उसके खाते में आठ लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। मुकेश शादीपुर पेट्रोल पंप के पास पहुंचे। इस बीच कार सवार तीन युवक वहां पहुंचे। उन्होंने मुकेश को साढ़े आठ लाख रुपये दिए और बाकी पचास हजार रुपये डिक्की से देते हैं। आप रुपये ट्रांसफर करवा दो। मुकेश ने योगेश से फोन कर रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा। जैसे ही योगेश ने रुपये ट्रांसफर किए। तीनों युवक मुकेश से सारे रुपये लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।
ऐसे पकड़े गए दोनों आरोपी...
13 जुलाई को पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। इस बीच पुलिस ने लोकल प्रॉपर्टी डीलर करण को विश्वास में लिया। उससे अनुज को कॉल कर इसी तरह का दूसरा ग्राहक मिलने की बात की गई। योजना के तहत बुधवार को करण ने अनुज को कॉल कर बताया कि वाइट कैश के बदले ज्यादा कैश देने वाला एक ग्राहक और मिल गया है। अनुज के कहने पर बुधवार को ही राजेंद्र नगर के एसबीआई में अनुज को बुला लिया गया। अनुज वर्ना कार में अपने भाई जैसे दोस्त विक्रम के साथ वहां पहुंचा। पुलिस ने उसे दबोच लिया। उसकी कार से आठ लाख रुपये भी बरामद हुए। वहीं अनुज की कार पर दिल्ली नंबर की फर्जी नंबर प्लेट लगी मिली। कार अनुज के नाम पर ही हरियाणा में रजिस्टर्ड है।
दर्जनों लोगों को लगाया चूना...
दोनों आरोपियों ने बताया कि इन लोगोंने इसी तरह दिल्ली और हरियाणा के कई कारोबारियों व प्रॉपर्टी डीलरो को चूना लगाया है। अनुज ने बताया कि उसने करण की मदद से राजेंद्र नगर में किराए की प्रॉपर्टी ली थी। वहां उसकी मुलाकात करण से हुई। दिल्ली में दफ्तर चलाने के बाद अनुज ने ऑन लाइन कपड़ों का कारोबार भी किया, लेकिन वहां भी उसे कामयाबी नहीं मिली तो उसने विक्रम के साथ मिलकर ठगी करना शुरू कर दिया। आरोपियों ने ठगी करने के लिए करण को चारा बनाकर इस्तेमाल किया। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।