चांदनी चौक में खुद को पुलिसकर्मी बताकर तीन आरोपियों एक शख्स से डेढ़ लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित के पास मिले रुपये की जांच करने की बात कहकर आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया।
शिकायत मिलने के बाद कोतवाली थाने की पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी वाकई पुलिसकर्मी थे या फिर बदमाशों ने पुलिसकर्मी बनकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगालकर आरोपियों की पहचान में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक अनिल कुमार (33) सपरिवार चंदर नगर कृष्णा नगर में रहता है।
सरेबाजार मिला धोखा
वह करोलबाग स्थित एक दुकान में काम करता है। बुधवार सुबह वह कृष्णा नगर से दुकान पहुंचा। जहां से वह दुकान में काम करने वाले विजय के बुध विहार स्थित घर गया।
विजय से उसने घर बनवाने के लिए दो लाख रुपये उधार लिए। उसने डेढ़ लाख रुपये बैग में रख लिए वहीं पचास हजार रुपये की गड्डी को पैंट की जेब में रख लिया।
शाम में वह चांदनी चौक पहुंचा। जैसे ही उसने हल्दीराम के पास अपनी बाइक खड़ी करने लगा। एक युवक उसके पास आया और बताया कि वह दिल्ली पुलिस से है। वह सादी वर्दी में था।
पुलिस की जीप देख कर लिया भरोसा
बातचीत करते हुए आरोपी उसे लेकर पुरानी दिल्ली स्टेशन पहुंचा। जहां एक जिप्सी खड़ी थी। उस पर पुलिस लिखा हुआ था। जिप्सी में एक ड्राइवर समेत दो लोग पहले से बैठे थे। वह दोनों भी सादी वर्दी में थे।
अनिल के मुताबिक आरोपी उसे जिप्सी में बिठाकर शांतिवन रेडलाइट के पास ले आए। इस दौरान एक आरोपी उसकी बैग की तलाशी लेने लगा।
बैग में रखे डेढ़ लाख रुपये के बारे में पूछताछ की और फिर कहा कि उन्हें रुपये के बारे में जांच पड़ताल करनी पड़ेगी। इससे पहले कि अनिल रुपये के बारे में कुछ बताता, तीनों ने उसे जिप्सी से नीचे उतार कर फरार हो गए। अनिल ने इसकी शिकायत कोतवाली थाने में की। पुलिस ने ठगी का मामला दर्ज कर लिया है।