साइबर सिटी में प्लॉट के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें एक ही प्लॉट की दो लोगों ने जीपीए कराकर अलग-अलग लोगों को बेच दी। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब एक पीड़ित की शिकायत पर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने जांच शुरू की। जांच के बाद पुलिस ने पुरानी जीपीए धारक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
हिसार निवासी अमित कुमार ने शिकायत में बताया कि 2007 में सेक्टर-55 में 60 गज का प्लॉट 15 लाख रुपये में खरीदा था। प्लॉट को लेकर महमूदा खान नामक महिला से हुई डील के बाद सारी पेमेंट कर दी गई। रजिस्ट्री में मिले रिकॉर्ड के अनुसार, प्लॉट की असली मालिक किरन भाटिया ने महमूदा के नाम जीपीए करा रखी थी।
सात साल जब उसने प्लॉट को बेचने के लिए कागजात खंगाले तो पता चला कि दिल्ली के महिपालपुर निवासी कृष्णा के नाम पर भी प्लॉट की जीपीए है। उसने अपने बेटे सौरभ अग्रवाल के नाम से 2008 में ही प्लॉट किया हुआ है।
शिकायत के बाद पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में मामले को जांच के लिए भेजा गया। आर्थिक अपराध शाखा में पूरे मामले का खुलासा होने के बाद शनिवार शाम को सेक्टर-56 थाना पुलिस ने सौरभ अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। थाना प्रभारी के मुताबिक, दूसरी महिला के बेटे के जीपीए के आधार पर प्लॉट नाम कर दिए जाने की जांच की जा रही है।