पेट्रोल पंप पर नैनो की 15 लीटर क्ष्ामता वाली टंकी में 21 लीटर पेट्रोल डालकर पर्ची थ्ामाने और जबरन पैसे वसूलने का मामला सामने आया। विरोध करने पर कर्मचारियों ने जिला अस्पताल के लैब टेक्नीशियन से बदसलूकी भी की।
सोमवार रात हुई इस ठगी की आहत लैब टेक्नीशियन पुलिस और डीएसओ को फोन करते रहे, लेकिन कोई नहीं पहुंचा।
जिला एमएमजी अस्पताल के लैब टेक्नीशियन सुपरवाइजर अरुण कुमार तोमर ने बताया कि रात आठ बजे उन्होंने हापुड़ तिराहे स्थित एक पंप से नैनो में पेट्रोल डलवाया था।
हैरानी तब हुई जब ऑपरेटर ने 21.44 लीटर पेट्रोल के पैसे मांगे, जबकि कार की टंकी में 15 लीटर से ज्यादा पेट्रोल नहीं आता। आपरेटर ने 21.44 लीटर की रसीद भी थमा दी।
पेट्रोल का भुगतान करने के बाद उन्होंने पंप मैनेजर को बुलाया और घटतौली की शिकायत की। इस पर मैनेजर और आपरेटर ने साथियों के साथ मिलकर उनसे बदसलूकी की और रसीद छीनने की कोशिश की।
तोमर का आरोप है कि उन्होंने पुलिस और डीएसओ को एक घंटे में पांच बार काल की मगर वहां कोई नहीं पहुंचा। अरुण कुमार ने बताया कि अब वह पंप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही इंडियन आयल को लिखेंगे।
इस मामले में पंप संचालक को फोन किया गया तो परिजनों ने उठाया और बताया कि वह सो रहे हैं। उधर, डीएसओ डीसी श्रीवास्तव का कहना है कि उनके पास अभी कोई शिकायत नहीं आई है।
वैसे ही पेट्रोल पर घटतौली का मामला बाट-माप विभाग देखता है। ऐसे में पीड़ित को चाहिए कि वह बाट-माप विभाग से शिकायत करे।