आम आदमी पार्टी के भीतर कलह सात समंदर पार भी पहुंच गई है। पार्टी की प्रवासी इकाई ने योगेंद्र यादव व प्रशांत भूषण को पीएसी से निकालने पर निराशा जताई है।
प्रवासी समर्थकों का कहना है कि मौजूदा घटनाक्रम से जाहिर होता है कि आप और दूसरी राजनीतिक पार्टियों में कोई अंतर नहीं है। फैसले की वापसी के लिए समर्थकों ने असहयोग आंदोलन शुरू करने का मन बनाया है।
इस बारे में हालांकि पार्टी का कोई नेता बोलने को तैयार नहीं है। दबी जुबान में एक नेता ने बताया कि आप की प्रवासी विंग की जिम्मेदारी प्रशांत भूषण की बहन पर है।
मुमकिन है कि उनके इशारे पर विरोध किया जा रहा हो। खास बात यह है कि 45 देशों में आप की प्रवासी इकाई है। इससे करीब एक लाख भारतीय जुड़े हैं।
मतभेद से कार्यकर्ता परेशान
अमेरिका की प्रवासी विंग से जुड़े एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि नेताओं के बीच मतभेद की खबरों के बीच हमने घंटी बजाओ आंदोलन शुरू किया था।
इसमें आप के वरिष्ठ नेताओं को ई-मेल, एसएमएस व सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर पोस्ट करके अपील की थी कि पार्टी में बंटवारा न हो, लेकिन अपील को अनसुना करते हुए दो नेताओं को पीएसी से निकाल दिया गया। इसलिए प्रवासी समर्थकों ने असहयोग आंदोलन के साथ पार्टी का कोई काम नहीं करने का फैसला किया है।
वहीं, यूके की विंग के एक सदस्य का कहना था कि आप भी दूसरी पार्टियों जैसी हो गई है। अरविंद केजरीवाल अब पार्टी नेताओं से धोखेबाजी कर रहे हैं। मयंक गांधी का ब्लॉग इसका प्रमाण है।
नेचुरोपैथी इंस्टीट्यूट में केजरीवाल भर्ती
मुख्यमंत्री केजरीवाल बृहस्पतिवार को शहर के नेचुरोपैथी इंस्टीट्यूट में इलाज के लिए भर्ती हुए। सीएम केजरीवाल का यहां 10 दिनों तक पुरानी खांसी और अनियंत्रित शुगर का इलाज होगा। 46 वर्षीय आप नेता दोपहर में माता-पिता के साथ एयरपोर्ट से जिंदल नेचर केयर इंस्टीट्यूट पहुंचे, जहां चार डॉक्टरों की टीम ने इलाज शुरू किया।
इंस्टीट्यूट की चीफ मेडिकल अधिकारी डॉक्टर बबीना नंदाकुमार ने कहा कि अनियंत्रित शुगर का स्तर व खांसी को देखते हुए उनका ईसीजी कराया गया है। शुक्रवार को केजरीवाल के रक्त की जांच की जाएगी।
केजरीवाल के इलाज के लिए फिजियोथेरेपिस्ट, एक्यूपंचर और योगा ऑफिसर भी होंगे। केजरीवाल पार्टी में उथल-पुथल के बीच नेशनल एक्जीक्यूटिव की बैठक को छोड़ बंगलूरू पहुंचे हैं।
सीएम चाहिए, सीएमओ नहीं
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद के बंगलुरू जाने के बाद जनता दरबार में शिकायतें लेकर आने वाले भी नदारद हो गए। बृहस्पतिवार को दिल्ली सीएम दफ्तर से करीब दस लोगों की टीम कौशांबी पहुंची।
अधिकारियों ने डेढ़ घंटे तक दफ्तर में बैठकर फरियादियों का इंतजार किया। मगर करीब आधा दर्जन लोग ही आए। इसके बाद करीब सवा नौ बजे टीम दिल्ली के लिए रवाना हो गई।
बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे अरविंद केजरीवाल माता-पिता के साथ बंगलुरू रवाना हो गए। शुगर और खांसी से जूझ रहे अरविंद केजरीवाल बंगलुरू में दस दिन तक प्राकृतिक ढंग से उपचार लेंगे। वे पंद्रह मार्च को वापस लौटेंगे।
हालांकि जनता दरबार में शिकायत सुनने के लिए दिल्ली से सीएमओ की टीम सुबह आठ बजे ही डी-41 पहुंच गई थी। मगर इस दौरान फरियादी ही नहीं पहुंचे।
बेटे पुल्कित की परीक्षाओं और नौकरी के कारण अरविंद की पत्नी सुनीता बंगलुरू नहीं गई। सुनीता बेटे को संभालने के साथ ही होली के त्यौहार पर घर को देखेंगी।
अगले बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय से अधिकारी आएंगे और जनता दरबार में लोगों की शिकायतें सुनेंगे। इस दौरान आप के कार्यकर्ता भी मौजूद रहेंगे।