फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को सात साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता मनोज तेवतिया ने बताया कि दादरी के रानौली लतीफपुर गांव में एक व्यक्ति के पास रसूलपुर निवासी चमन वर्ष 2011 में रंगाई पुताई का काम करता था।
10 दिसंबर को चमन नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली उसकी बेटी को घुमाने के बहाने दादरी ले गया। वहां से वह उसे हरिद्वार लेकर पहुंचा और उससे दुष्कर्म किया। इसके बाद वह छात्रा के साथ मेरठ, हापुड और मसूरी-डासना में रहा। बाद में चमन को पकड़कर छात्रा को बरामद कर लिया गया। जारचा कोतवाली में मामला दर्ज करा दिया गया था।
अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक बीना चौधरी ने चमन को दोषी ठहराते हुए आईपीसी की धारा-363 में तीन साल व पांच हजार रुपये, आईपीसी की धारा-366 में पांच साल व 10 हजार रुपये और दुष्कर्म में सात साल के कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।