पावर कारपोरेशन के अफसर बिजली व्यवस्था सुधारने के दावों से ज्यादा कुछ नहीं कर पा रहे हैं। दिल्ली, नोएडा व अलीगढ़ से 165 मेगावाट सप्लाई मिलने के बावजूद बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका।
टीएचए-विजयनगर की कुछ कालोनियों में सप्लाई जरूर बढ़ी, इसके अलावा शहर भर ने आफत झेली। कई कालोनियों में तो लोगों को रातभर बिजली नहीं मिली। भयंकर गर्मी में बिजली पानी न मिलने से लोगों पर आफत टूट पड़ी है। कहीं पर रातभर पंखा झलकर जागना पड़ा तो कहीं पर जनरेटर केशोर ने लोगों को सोने नहीं दिया।
जिले में कहीं पर भी सप्लाई सामान्य नहीं रही। उद्योगों की सप्लाई को भी बंद रखा गया। इसके बावजूद बिजली संकट कम नहीं हुआ।
केवल टीएचए-विजयनगर में ही नहीं, बल्कि पूरे शहर में लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। ट्रांसमिशन के अनुसार पिछले दो दिन से कोई रोस्टिंग नहीं की गई है, जबकि शहर में 10 घंटे तक की कटौती की जा रही है।
पटेलनगर, लोहियानगर, हरवंशनगर, सेवानगर, मेरठ रोड और शास्त्रीनगर आदि में 14 घंटे की कटौती हुई। नेहरूनगर, कविनगर, राजनगर, विवेकानंदनगर में लो-वोल्टेज से बिजली होने का लाभ न मिला। कई कालोनियों को 3-4 घंटे बिजली मिली।