दिन शनिवार, तारीख 7 फरवरी। चुनाव आयोग की कोशिश है कि मतदान प्रतिशत बढ़े जिसके लिए जागरूकता अभियान और सुविधाएं भी बढ़ाईं। मतदान प्रतिशत में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की जुगत में राजनीतिक दल जुटे हैं।
चुनाव विश्लेषक बताते हैं कि जितने वोट पड़ते हैं, उसमें 40 फीसदी वोट पाने वाली पार्टी सरकार बनाती है। मतदान प्रतिशत बढ़ने पर भाजपा को अधिक सीटें मिलती हैं। पिछले चुनाव में कोई दल 40 फीसदी तक नहीं पहुंचा, जिसका नतीजा अल्पमत की सरकार, राष्ट्रपति शासन और फिर चुनाव की नौबत सामने है।
विधानसभा चुनाव 1993 में मतदान 62 फीसदी हुआ, जिसमें भाजपा की हिस्सेदारी 43 फीसदी रही। भाजपा को 51 सीटें मिली और पूर्ण बहुमत से सरकार बनी। कांग्रेस को 34 फीसदी वोट और 14 सीटें मिली। त्रिकोणीय मुकाबला भी कई जगह हुआ, जिसमें जनता दल से शोएब इकबाल और मतीन अहमद जीते। तीन निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे।