कभी देश की संसद में दिल्ली देहात की आवाज बुलंद करने वाले चौ. तारीफ सिंह ने राजनीति से किनारा कर लिया है। फिलहाल वे समाजसेवा का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि तब और अब में बहुत अंतर आ गया है। मैं आज की राजनीति में फिट नहीं बैठता हूं। यही वजह रही कि दो दशक पहले राजनीतिक तौर पर सक्रियता कम करने का फैसला लिया था। अपने तब के कदम काफी खुश हूं।
बता दें कि चौ. तारीफ के सियासी सफर की शुरुआत भी बड़ी दिलचस्प थी। राजधानी के सुल्तानपुर माजरा गांव निवासी चौ. तारीफ ने वर्ष 1977 में गांव की पंचायत से प्रधान का चुनाव लड़कर राजनीति में कदम रखा। इसके बाद वर्ष 1989 में जनता दल के टिकट पर मतदाताओं के मामले में देश के सबसे बड़े बाहरी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से सांसद बनने में कामयाब हुए। इस तरह वे देश की सबसे छोटी पंचायत से सबसे बड़ी पंचायत में पहुंचे।
बीच में उन्होंने लोकदल के टिकट पर वर्ष 1983 में नांगलोई क्षेत्र से दिल्ली महानगर परिषद (अब विधानसभा) और 1984 में बाहरी दिल्ली क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन कामयाबी नहीं मिली सकी। उन्होंने वर्ष 1991 में भी जनता दल के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा। इसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 1994 में पूर्व केंद्रीय मंत्री चौ. अजित सिंह के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए। चौ. तारीफ कई वर्षों तक दिल्ली देहात की आवाज बने रहे। राजनीति में वे 2004 तक सक्रिय थे। इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे सक्रियता कम कर दी।