पूर्व दिल्ली भाजपा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता
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दिल्ली भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में विजेंद्र गुप्ता को दिल्ली विधानसभा में भाजपा दल का नेता सर्वसम्मति से चुन लिया गया। बैठक में विधायक अजय महावर ने पार्टी के नेता के रूप में विजेंद्र गुप्ता का नाम प्रस्तावित किया। विधायकों मोहन सिंह बिष्ट, ओपी शर्मा, अनिल वाजपेयी, अभय वर्मा और जितेंद्र महाजन ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश सह-प्रभारी डॉ. अलका गुर्जर, प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और संगठन महासचिव पवन राणा उपस्थिति में थे। इसके बाद दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने घोषणा की कि विजेंद्र गुप्ता अब दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता होंगे।
नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है। कहा कि पार्टी ने यह अवसर एक बार फिर दिया। यह जिम्मेदारी एक महत्वपूर्ण समय पर आई है, जब दिल्ली में शासन पूरी तरह से आप सरकार के अधीन विफल हो गया है। दिल्ली के लोग धोखा महसूस कर रहे हैं और भाजपा की ओर देख रहे हैं। भाजपा सभी स्तरों पर आप सरकार की विफलताओं को उजागर करने और सदन के पटल पर जनता की समस्याओं को उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पिछले 18 महीनों से दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति, 12 जोन की वार्ड कमेटियों का गठन न करके जबरन नगर निगम की संवैधानिक व्यवस्थाओं को काम करने से रोका है। इससे दिल्ली नगर निगम पंगु बनकर रह गया है। इस जनविरोधी कदम के पीछे एक ही साजिश है कि चुने हुए प्रतिनिधियों को उनके अधिकार न दिया जाए, जिससे जमकर भ्रष्टाचार किया जा सके और जनता की आवाज को दबाया जा सके। जलभराव से तीन छात्रों की मौत हुई। इसका बड़ा कारण नगर निगम में संवादहीनता है। ये सब आप के भ्रष्टाचार और असंवैधानिक कारनामों का घिनौना सच है।