हाईकोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति मामले में बचाव के लिए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला को एक पुराने मामले के दस्तावेज व गवाहों को कोर्ट में बुलाने की अनुमति दे दी है।
यह मामला 1997 में हरियाणा के सिरसा के सदर डबवाली में दर्ज किया गया था और इसमें जांच एजेंसी ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। मौजूदा मामला सीबीआई ने 2006 में दर्ज किया था।
जस्टिस संजीव सचदेवा ने ओपी चौटाला के आवेदन पर सुनवाई के बाद 1997 में दर्ज आय से अधिक संपत्ति मामले के दस्तावेज, जांच अधिकारी, चौटाला गांव का राजस्व रिकार्ड, चौटाला के कृषि भूमि संबंधी दस्तावेज व उसकी साझेदारी संबंधी दस्तावेज मंगाने की अनुमति प्रदान की है।
निचली अदालत ने चौटाला की अर्जी खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट के समक्ष चौटाला की ओर से जिरह करते हुए अधिवक्ता हर्ष शर्मा ने कहा कि आय से अधिक संपत्ति का विचाराधीन केस सीबीआई ने 2006 में दर्ज किया था।
जांच के बाद 2010 में चार्जशीट दाखिल की गई थी। सीबीआई ने 106 गवाह पेश किए और गवाही पूरी करने में करीब सात साल लगे। चौटाला का बयान चार्जशीट के सात साल बाद 16 जनवरी 2018 को दर्ज हो सका।