कंक्रीट के जंगल का दर्जा पाए शहर में वास्तविक जंगल बनाने का काम जीडीए ने शनिवार से विधिवत शुरू कर दिया। जीडीए वीसी ने पौधारोपण कर फॉरेस्ट के लिए वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की।
सिटी फॉरेस्ट में विभिन्न प्रजातियों के 50 हजार से अधिक पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। जीडीए दिवाली तक शहरवासियों को शहर के पहले सिटी फॉरेस्ट का तोहफा देगा। सिटी फॉरेस्ट को डेवलप करने में जीडीए 15 करोड़ खर्च करेगा।
जीडीए वीसी संतोष यादव ने बताया कि फॉरेस्ट में हिरण, बतख, दुर्लभ प्रजाति के पेड़ों का एक पॉकेट, झील और सरोवर होंगे। हिरण और बतख की देखभाल के लिए तीन लोगों की ट्रेनिंग होगी। यहां प्राकृतिक रूप से बने टीले को मखमली माउंट की तरह विकसित किया जाएगा।
टीले में चार वॉच टॉवर लगेंगे, जहां से शहर भर का नजारा दिखेगा। यह टीला आर्किलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के अधिकार में है। इसके संरक्षण के लिए विभाग से अनुमति ली जाएगी। यहां प्राकृतिक शैली के पुल का भी निर्माण होगा। फॉरेस्ट के पास नदी किनारे वाटर पार्क बनाने की भी योजना है।
फॉरेस्ट के पास करहेड़ा गौशाला है। यहां से निकले गोबर और गौ मूत्र को खाद के रूप में प्रयोग किया जाएगा। मौके पर जीडीए सचिव रवींद्र गोडबोले, सीएटीपी एससी गौड़, ओएसडी डीपी सिंह, ओएसडी श्रीप्रकाश गुप्ता, चीफ इंजीनियर वीके गोयल, उद्यान प्रभारी एसपी शिशोदिया, एई पीके शर्मा, अतुल शर्मा आदि रहे।