ऑपरेशन क्लीन-10 के तहत बगैर वीजा और पासपोर्ट पकड़े गए विदेशियों ने शुक्रवार देर रात लुकसर जिला जेल के गेट पर हंगामा किया। पांच घंटे की मशक्कत और समझाने-बुझाने के बाद तड़के करीब 3:30 बजे विदेशियों को कारागार के अंदर भेजा गया। फिलहाल, 19 महिलाओं को महिला बैरक और 11 पुरुषों को बैरक नंबर-7 में रखा गया है।
इससे पहले शुक्रवार देर रात पुलिस ने 19 महिला और 11 पुरुष बंदियों को शांतिभंग करने के आरोप में एसडीएम के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया। रात लगभग 10:30 बजे पुलिसकर्मी सभी को लुकसर स्थित जिला कारागार लेकर पहुंचे।
विदेशियों ने जेल के भीतर जाने से इंकार कर दिया और गेट पर ही नारेबाजी कर हंगामा करने लगे। विदेशी ‘वी वांट फ्रीडम’ के नारे लगाकर पूछ रहे थे कि उन्हें किस अपराध में जेल भेजा जा रहा है।
ऑपरेशन क्लीन -10 के अंतर्गत शहर में चलाए गए अभियान के अंतर्गत पुलिस ने 60 विदेशियों को नागरिकों को हिरासत में लिया था। विदेशी पुरुषों को पुलिस लाइन स्थित अस्पताल और महिलाओं को महिला बैरक में रखा गया था।
बृहस्पतिवार रात अस्पताल में रखे गए 20 विदेशी पुलिसकर्मियों से मारपीटकर फरार हो गए थे। इनमें से तीन को पुलिस ने पकड़ लिया था। 12 विदेशियों को पुलिस ने दस्तावेेज मिलने पर छोड़ दिया और गांजे के साथ पकड़ी गई एक महिला को जेल भेज दिया था।
जेल में पहले से बंद 14 अफ्रीकी बने जेल प्रशासन के मददगार
कई घंटे के हंगामे केे बाद जेल प्रशासन ने कारागार में पहले से बंद 13 अफ्रीकी पुरुष व एक महिला की मदद ली। पूर्व बंदियों ने जेल के सुविधाओं आदि का हवाला देकर समझाया। करीब पांच घंटे बाद तड़के लगभग साढ़े तीन बजे अफ्रीकी-विदेशियों को जेल में भेज दिया गया।
एसएसपी से मिलकर की रिहा करने की मांग
इधर, कई अफ्रीकी नागरिक जेल भेजे गए लोगों को रिहा करने आदि की मांग को लेकर शनिवार को एसएसपी से मिले। इनमें नाईजीरियाई मूल के नागरिक से विवाह करने वाली दिल्ली के महरौली निवासी महिला भी थी। वह अपनी बेटी को उसके जन्मदिन पर एसएसपी कार्यालय पर लेकर पहुंची थी।
इसके अलावा एक अन्य भारतीय मूल युवती भी एसएसपी कार्यालय पहुंची और उसने कहा कि वह बिना वीजा पासपोर्ट के मामले में पकड़े गए एक अफ्रीकी युवक की मंगेतर और उससे शादी करना चाहती है। दोनों ने युवकों को छोड़ने की मांग की लेकिन अधिकारियों ने उन्हें बताया कि जो बिना वीजा-पासपोर्ट के पकड़ा गया है, उसे छोड़ा नहीं जा सकता, बल्कि डिपोर्ट किया जाएगा।
17 फरार विदेशियों का नहीं लगा सुराग
बृहस्पतिवार रात पुलिसकर्मियों से मारपीट कर फरार हुए 17 विदेशियों का अब तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में जुटी हुई हैं। पुलिस और इंटेलिजेंस अधिकारियों ने उन्हें जल्द पकड़ने का दावा किया है।
विदेशी बंदियों ने शुक्रवार रात जेल के गेट पर हंगामा किया था। उन्हें पुराने अफ्रीकी बंदियों की मदद से समझाया गया। उन्हें राशन उपलब्ध करा दिया गया है। वह खुद अपने ढंग से खाना बनाकर खा सकते हैं। अगर, जेल में बने खाने की मांग करते हैं, तो उपलब्ध करा दिया जाएगा -
सत्यप्रकाश, जेलर गौतमबुद्ध नगर जिला कारागार