मोबाइल लूट की वारदात को अंजाम देने वाले चार लुटेरों को बीटा टू थाना पुलिस ने अल्फा-टू के गेट नंबर-7 के पास से गिरफ्तार किया है। गैंग का सरगना बुलंदशहर के थाना साठा इस्लामाबाद निवासी शाहरुख सऊदी अरब में चालक के पद पर नौकरी करता था।
शाहरुक को टिकटॉक पर हीरोगिरी करने का भी काफी शौक है। उसके टिकटॉक अकाउंट और फालोअर्स संख्या देख पुलिस अफसर भी दंग रह गए। पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 मोबाइल, वारदात में प्रयोग की जाने वाली बाइक और 3250 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसने अपने शौक पूरे करने के लिए गिरोह बनाया था।
एसपी देहात रणविजय सिंह ने खुलासा करते हुए बताया कि बीटा-टू थाना प्रभारी सुजीत कुमार उपाध्याय बुधवार को अपनी टीम के साथ वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान उन्हें सूचना मिली कि अल्फा-टू के गेट नंबर-7 के पास कुछ संदिग्ध लोग किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने गिरोह के सरगना शाहरुख समेत बुलंदशहर के थाना साठा इस्लामाबाद निवासी आसिफ, फैजान और बिहार राज्य के मुंगेर के थाना बरायेपुर के ब्रह्मस्थान हाल निवासी कासना मुकेश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह बिसरख, साइट-पांच, बीटा-टू, सूरजपुर और नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में अकेले जा रहे राहगीरों से मोबाइल लूट लेते थे। पिछले एक साल में उन्होंने कई वारदात को अंजाम दिया है।
160 वीडियो किए अपलोड
एसपी देहात रणविजय सिंह ने बताया कि शाहरुख पिछले काफी समय से सऊदी अरब में चालक की नौकरी कर रहा था। उसका गिरोह बीते एक साल से सक्रिय है। नौकरी से अधिक लूट में मुनाफा देख करीब चार महीने पहले काम छोड़कर घर आ गया था। धीरे-धीरे उसने मोबाइल लूट जैसी वारदात को अंजाम देने के लिए गैंग खड़ा कर लिया।
गैंग में आसिफ, फैजान और मुकेश को शामिल किया। शाहरुख को झब्बू के नाम से भी जाना जाता है। बीटा-टू थाना प्रभारी सुजीत कुमार उपाध्याय ने बताया कि शाहरुख को टिक-टॉक पर वीडियो बनाने का भी शौक है। अब तक वह 160 से अधिक वीडियो को बनाकर टिकटॉक पर अपलोड कर चुका है। उसके पास करीब 70 हजार रुपये की कीमत वाला आईफोन भी है। वह पिछले तीन साल से टिकटॉक पर वीडियो बना रहा है। टिक-टॉक पर शाहरुख के करीब 40 हजार फालोअर भी हैं। अधिकांश वीडियो उसने सऊदी अरब में ही बनाए हैं।
वारदात के बाद भीड़ में हो जाते थे शामिल
पूछताछ में पता चला कि शाहरुख गैंग को चलाता है। आरोपी वारदात से पहले रेकी करते थे। वहीं, वारदात के बाद पुलिस से बचने के लिए गिरोह के कुछ बदमाश भीड़ में शामिल हो जाते थे और लोगों से बात कर पुलिस द्वारा अपनाई जा रही रणनीति को अन्य बदमाशों तक पहुंचाते थे।
वहीं, शाहरुख वारदात को अंजाम देने के लिए सऊदी से यहां आता रहता था। लूट व चोरी में मिला माल और रुपयों का बटवारा भी वही करता था। पुलिस ने बताया कि बीते चार माह से शाहरुख सऊदी नहीं गया है।