सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तीनों एमसीडी और नई दिल्ली पालिका परिषद (एनडीएमसी) अतिक्रमण से निपटने के लिए तैयार हैं। उत्तरी निगम ने इंजीनियरिंग विभाग के जेई को अतिक्रमण के सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी है। इसकी रिपोर्ट सोमवार तक मांगी गई है।
उन्हें घरों-दुकानों के बाहर अतिक्रमण और रेहड़ी पटरी पर भी रिपोर्ट देनी है। दक्षिणी निगम क्षेत्र में बुधवार को द्वारका सेक्टर-19 में 2500 वर्गफुट फुटपाथ से अतिक्रमण हटाया। एनडीएमसी पार्किंग बेहतर करने की तैयारी कर रहा है।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम की आयुक्त वर्षा जोशी ने बताया कि राजधानी को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सभी जेई को मैपिंग के निर्देश दे दिए गए हैं। सोमवार को उनकी रिपोर्ट मिलने के तत्काल बाद कार्रवाई पर निर्णय हो जाएगा। निगम की स्थायी समिति के उपाध्यक्ष विपिन मल्होत्रा का कहना है कि उनके क्षेत्र मोतीनगर में अतिक्रमण की समस्या बेहद गंभीर है।
उधर, पूर्वी दिल्ली नगर निगम के शाहदरा के उपायुक्त रेनन कुमार ने अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई के लिए तैयारियां पूरी होने का दावा किया है। हालांकि इसके क्षेत्र में न तो पार्किंग के लिए माकूल इंतजाम हैं, न ही अतिक्रमण के खिलाफ अब तक सख्ती हुई है।
दूसरी ओर, बाजारों में सड़क पर अतिक्रमण के कारण आम लोग परेशान हैं। एमसीडी इन्हें हटाने की कार्रवाई करती है तो उसकी टीम के जाते ही फिर से कब्जा हो जाता है। दक्षिणी निगम की तरफ से पार्किंग के बेहतर प्रबंधन सहित अतिक्रमण करने वालों पर अभी और सख्ती होगी।
इस बीच, एनडीएमसी की सचिव रश्मि सिंह के मुताबिक, पार्किंग बेहतर करने के लिए फेस-टू के तहत कनॉट प्लेस की तर्ज पर ऑटोमेटेड पार्किंग की व्यवस्था होगी। इसमें अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा।