दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर पश्चिम भारत में पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवा और कोहरे के कारण दिन की सर्दी बढ़ गई है। इसके कारण यूपी और बिहार में दिन बहुत सर्द हो गया।
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रियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, बिहार और यूपी में कई जगह दिन का तापमान सामान्य से 5 डिग्री या उससे भी ज्यादा नीचे दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट की बात करें तो दिल्ली में पिछले दो दिन के दौरान अधिकतम तापमान में करीब 7 डिग्री की गिरावट आई है।
मौसम विभाग के अनुसार पंजाब और यूपी में कुछ जगह तो हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कहीं-कहीं बहुत घना कोहरा रहा। अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, नारनौल, बहराइच और गोरखपुर में दृश्यता 25 मीटर से भी नीचे गिर गई। हिसार, मेरठ, बरेली में दृश्यता 50 मीटर के नीचे तक गिरी।
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हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। देश में न्यूनतम तापमान सबसे नीचे लखनऊ में 6.2 डिग्री दर्ज किया गया। दिल्ली की हवा में नमी 77 से 100 फीसदी के बीच रही।
3-5 जनवरी तक में हो सकती है छिटपुट बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार नए साल में 3-5 जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालय क्षेत्र जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्से में बर्फ पड़ सकती है तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कहीं-कहीं छिटपुट बारिश हो सकती है।
वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली व यूपी के साथ उत्तराखंड में भी घना कोहरा 2 जनवरी तक यूं ही जारी रहेगा। अगले 72 घंटे में न्यूनतम तापमान 1-2 डिग्री तक और बढ़ने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बीच अगले दो दिन यूपी में ज्यादातर जगह और पंजाब में कहीं-कहीं दिन सर्द रहेगा। वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में अगले दो दिन के दौरान अधिकतम तापमान 2-3 डिग्री तक नीचे गिरेगा।
दिल्ली 30 दिसंबर का मौसम
अधिकतम तापमान 18.5 डिग्री
न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री
30 दिसंबर को सूर्यास्त 5.35 बजे
31 दिसंबर को सूर्योदय 7.14 बजे
राजधानी में वायु की गुणवत्ता की आपात स्थिति
दिल्ली प्रदूषण
राष्ट्रीय राजधानी में एक ओर ठंड व कोहरा धीरे-धीरे बढ़ रहा है वहीं दूसरी ओर वायु गुणवत्ता भी बद से बदतर हो रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद अभी तक वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने इमरजेंसी एक्शन प्लान को लेकर अधिसूचना भी नहीं जारी की है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर में एक दिन भी हवा सामान्य स्तर पर नहीं रही है।
वहीं अंदेशा है कि नए साल के जश्न की स्थिति में राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता और खराब हो सकती है। शुक्रवार को भी राजधानी में पंजाबी बाग, आनंद विहार, सिरी फोर्ट, मंदिर मार्ग, आरके पुरम, आईटीओ के साथ अन्य स्थानों पर वायु गुणवत्ता की बदतर स्थिति रही।
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की कार्यकारी निदेशक व पर्यावरणविद अनुमिता रॉय चौधरी ने बदतर होती वायु गुणवत्ता को लेकर कहा है कि आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है ऐसे में वायु गुणवत्ता और भी खराब होने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में वायु गुणवत्ता को लेकर इमरजेंसी जैसे हालात हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुरूप पर्यावरण मंत्रालय को चरणबद्ध कार्य-योजना के संबंध में अधिसूचना जारी करनी चाहिए। तत्काल कदम उठाए जाने की जरूरत है।
दिसंबर में 7.3 गुना अधिक रिकॉर्ड हुआ पीएम 2.5
- फोटो : अमर उजाला
सीएसई के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में मौसम में बदलाव के साथ तापमान गिर रहा है साथ ही हवा की गति भी मंद पड़ी है। खासतौर से 23 दिसंबर के बाद से राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता को लेकर आपात स्थिति बनी हुई है। रोजाना के औसत आंकड़ों के मुताबिक पर्टिकुलेट मैटर 2.5 इस दिसंबर में 24 तारीख को पंजाबी बाग और आनंद विहार में सर्वाधिक 7.3 गुना अधिक पाया गया।
मुंबई से 3.4 गुना अधिक वाहन रजिस्टर्ड, विस्फोटक स्थिति
वहीं, सीएसई की ओर से कहा गया है कि दिल्ली सरकार की ओर से जारी किए गए सांख्यिकी आंकड़ों में यह बात साफ दिख रही है कि राष्ट्रीय राजधानी में वाहनों की संख्या विस्फोटक स्थिति पर पहुंच गई है। ऐसी स्थिति में वायु गुणवत्ता को लेकर तत्काल इमरजेंसी एक्शन प्लान लागू करना होगा। यदि इसे लागू करने में देरी होती है तो इससे न सिर्फ वायु गुणवत्ता और भी खराब होने का अंदेशा है बल्कि लोगों की सेहत पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
दिल्ली सरकार के जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में कुल 97 लाख वाहन रजिस्टर्ड हैं। यह आंकड़ा मुंबई में रजिस्टर्ड कुल वाहनों की संख्या से 3.4 गुना अधिक है। वहीं सीएसई ने कहा है कि कार कंजेशन की स्थिति भी आगे बिगड़ सकती है। 2015-16 में बीते वर्ष 1.6 लाख कार के मुकाबले 2 लाख नई कारें भी जुड़ी हैं।
सीपीसीबी के मुताबिक शुक्रवार को सुबह से ही कई स्थानों पर वायु गुणवत्ता गहरे लाल और लाल रंग यानी आपात स्थिति को दर्शा रहे हैं। वहीं इस अतिगंभीर वायु गुणवत्ता में सबसे प्रमुख प्रदूषण तत्व पर्टिकुलेट मैटर 2.5 मौजूद है। पर्टिकुलेट मैटर हवा में मौजूद खतरनाक बारीक कण हैं।
सीपीसीबी के मुताबिक 30 दिसंबर को रात 07:00 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक की स्थिति
स्थान वायु गुणवत्ता
एनएसआईटी द्वारका 267 (खराब)
आईएचबीएस 299 (खराब )
आनंद विहार 397 (बेहद खराब)
आरके पुरम 271 (खराब)
पंजाबी बाग 372 (बेहद खराब)
आईटीओ 485 (अति गंभीर)
डीटीयू 431 (अति गंभीर)
सिरी फोर्ट 384 (बेहद खराब)
नोट : वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के मुताबिक 301 से 400 के बीच आंकड़े बहुत खराब (लाल निशान) की स्थिति को दर्शाते हैं। जबकि 401 से 500 के बीच के एक्यूआई आंकड़े वायु गुणवत्ता की स्थिति को अंतिगंभीर यानी गहरे लाल की श्रेणी में रखा जाता है।