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जरा इधर भी गौर फरमाइए सरकार, फाइलों में गुम है तीन बड़े शहरों को जोड़ने वाली FNG एक्सप्रेसवे योजना

Fri, 01 Jun 2018 04:46 PM IST
योगेश शर्मा, नोएडा
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500 दिन में एनसीआर को दो बड़ी परियोजनाओं की सौगात देकर मोदी सरकार ने जनता की खूब वाहवाही लूटी है, लेकिन तीन बड़े शहरों को जोड़ने वाली एक और महत्वाकांक्षी परियोजना केंद्र सरकार की मेहरबानी का इंतजार कर रही है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अधूरे फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) मार्ग को एक्सप्रेसवे बनाने की जिम्मेदारी लेकर भूल गया है।

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एनसीआर को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और 14 लेन के दिल्ली-मेरठ हाईवे का तोहफा मिलने के बाद अब इस अधूरी परियोजना पर सबकी निगाहें हैं। लगभग 75 किलोमीटर लंबे इस एफएनजी का 20 फीसदी काम पूरा हो चुका है जबकि 80 फीसदी काम एनएचएआई को पूरा करना है। 

सत्ता का संतुलन तो फिर क्यों देरी
केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद एफएनजी को नेशनल हाईवे का दर्जा दिलाने की मशक्कत शुरू हुई। एफएनजी एनएचएआई को  सुपुर्द होने की अटकलों को देखते हुए साल 2015 की शुरुआत में ही नोएडा प्राधिकरण ने निर्माण कार्य रोक दिया। नवंबर 2015 में केंद्र ने प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी। इस दौरान उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा की सरकार थी। ऐसे में इस परियोजना की लेटलतीफी की वजह राजनीतिक खींचतान को भी माना गया, लेकिन 2017 में केंद्र और हरियाणा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी भाजपा की सरकार बन गई। ऐसे में अब इस परियोजना में देरी होना समझ से परे है।

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परियोजना एक नजर में

- फोटो : youtube
प्राधिकरण ने गाजियाबाद के एनएच-24 स्थित छिजारसी से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे को पार करते हुए यमुना तक करीब 23 किलोमीटर लंबे सिक्स लेन मार्ग का निर्माण कार्य लगभग 70 फीसदी पूरा कर लिया है। इसको एफएनजी नाम दिया गया है।

2015 में इस मार्ग को एक तरफ गाजियाबाद के मेरठ रोड से नोएडा तक करीब 8 किलोमीटर और दूसरी ओर फरीदाबाद के रास्ते सोहना रोड तक करीब 28 किलोमीटर तक विस्तार कर नेशनल हाइवे के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई। 75 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित हाइवे को हरिद्वार-देहरादून से सोहना के रास्ते जयपुर तक का विकल्प माना जा रहा है।

परियोजना की खासियत
-अब तक नोएडा के नक्शे में नहीं है कोई हाइवे, एफएनजी के रूप में नोएडा को मिलेगा पहला नेशनल हाइवे।
-हाइवे पूरी तरह बनने के बाद गाजियाबाद से फरीदाबाद जाने के लिए नहीं नापनी होगी दिल्ली की दूरी।
-गाजियाबाद और नोएडा से न केवल फरीदाबाद जाना आसान होगा, बल्कि गुरुग्राम जाने का नया विकल्प मिलेगा।
-ग्रेटर नोएडा वेस्ट, एक्सप्रेसवे, ग्रेटर फरीदाबाद के लिहाज से लाइफलाइन से कम नहीं होगा एफएनजी एक्सप्रेसवे।

एफएनजी के बाधित प्रोजेक्ट

-एनएच-24 एलिवेटेड रोड:- नोएडा से गाजियाबाद को जोड़ने के लिए एनएच-24 पर छिजारसी कट के पास एलिवेटेड रोड बनाने का काम ठंडे बस्ते में।
- एफएनजी एलिवेटेड रोड:- एफएनजी मार्ग का बड़ा हिस्सा हिंडन किनारे से गुजरेगा। ऐसे में रिवर फ्रंट एरिया को बचाने के लिए सेक्टर-112 से सेक्टर-140 तक करीब 6.5 किलोमीटर लंबा  एलिवेटेड रोड बनाने की थी योजना।
- एक्सप्रेसवे ट्रैफिक रोटरी:- एफएनजी को फरीदाबाद से जोड़ने के लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक रोटरी बनाने की योजना भी ठप।
- नोएडा के सेक्टर-168 के पास से यमुना पर पुल बनाकर फरीदाबाद को कनेक्ट करने की योजना भी खटाई में पड़ी।
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बिल्डरों ने नाम का उठाया खूब फायदा

एफएनजी परियोजना के नाम का फायदा बिल्डरों ने खूब उठाया। दरअसल, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद को जोड़ने के लिए दो दशक पहले एक्सप्रेसवे बनाने की योजना बनी थी। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के रीजनल प्लान और फरीदाबाद नगर निगम के सुझाव पर 2011 के मास्टर प्लान में इसे शामिल किया गया था, लेकिन सर्वे के बाद इस योजना को रद्द कर दिया गया। इसके बाद नोएडा में एफएनजी के नाम से सड़क के निर्माण का कार्य जारी रहा। नोएडा और ग्रेटर फरीदाबाद की बिल्डर लॉबी ने एफएनजी के नाम से निवेशकों को मंहगे दामों पर फ्लैट बेचे लेकिन साल दर साल निकलते गए पर एफएनजी बनकर तैयार नहीं हुआ।

वहीं इस मामले में डॉ. महेश शर्मा, सांसद गौतमबुद्ध नगर एवं केंद्रीय मंत्री का कहना है कि, फिलहाल इस प्रोजेक्ट की ताजा जानकारी मुझे नहीं है। इसके बारे में जल्द ही एनएचएआई, नोएडा प्राधिकरण व सड़क परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। परियोजना पूरे एनसीआर के लिए अहम है। इसे जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
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