किश्त बाकी होने पर भी प्राधिकरण से आवंटित फ्लैटों को बेचने का हक जल्द मिलने के आसार हैं। प्राधिकरण ने इस पर लगी पाबंदी को हटाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे 12 फरवरी को प्रस्तावित बोर्ड बैठक के समक्ष रखा जाएगा।
दरअसल, प्राधिकरण भवन बनाकर किश्तों पर आवंटित करता है। मौजूदा समय में पूरा भुगतान किए बिना इन भवनों की रजिस्ट्री नहीं हो पाती और रजिस्ट्री के बिना भवन ट्रांसफर नहीं सकते।
ऐसे में अगर आवंटी को किसी कारणवश फ्लैट बेचना पड़े तो वह पावर ऑफ अटॉर्नी का सहारा लेता है, जिससे न सिर्फ सरकारी राजस्व की हानि होती है, बल्कि संपत्ति के विवाद भी जन्म लेते हैं। नोएडा में प्राधिकरण से आवंटित भवनों की संख्या करीब दस हजार है।
वहीं, भूखंडों के मामले में प्राधिकरण की तरफ से यह रोक नहीं है। पूरी किश्त भरे बिना भी ट्रांसफर की अनुमति है। बिल्डर भूखंडों पर भी यह छूट मिली हुई है।
यह मसला शासन के समक्ष भी कई बार उठ चुका है। अब इस मुद्दे को प्राधिकरण की अगली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के पूरे आसार हैं। इससे हजारों आवंटियों को पूरा भुगतान के बिना ही भवन अपने नाम करने या फिर बेचने का हक मिल सकेगा।