फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्या NCR का यह सपना, सपना ही रह जाएगा?

Sat, 25 Jan 2014 03:17 PM IST
अमर उजाला, गुड़गांव
विज्ञापन
विज्ञापन
एनसीआर में सीएलयू के नए लाइसेंस पर रोक से गुड़गांव, फरीदाबाद, सोहना और मानेसर समेत सूबे के कई जिलों को झटका लगा है। रोक जल्द नहीं हटती तो इससे न केवल रियल एस्टेट को नुकसान पहुंचेगा, बल्कि किफायती रिहायश मिलना भी मुश्किल होगा।
विज्ञापन


प्रदेश सरकार ने पिछले साल गुड़गांव-मानेसर विकास योजना 2031 के प्रारूप को अंतिम मंजूरी दी थी। योजना 2031 के तहत गुड़गांव शहर का विस्तार सोहना, मानेसर, धारूहेड़ा से होता हुआ जयपुर के भिवाड़ी तक पहुंचता। मास्टर प्लान में 20 सेक्टरों को बसाने की अधिसूचना जारी की गई थी।

इन सेक्टरों में दो टाउनशिप और 12 से अधिक ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट लाने की योजना है। रियल एस्टेट इस प्रारूप से इतना उत्साहित है कि अब तक करीब आठ हजार हेक्टेयर पर रिहायशी परियोजनाओं की नींव भी डाल चुका है। भविष्य में यहां आधुनिक शॉपिंग कांप्लेक्स, ऑफिस कांप्लेक्स, मॉल्स, इंटरनेटमेंट पार्क, बैंकों से लेकर यूनिवर्सिटी तक बननी हैं।
विज्ञापन


शहर को विस्तार देने के लिए तेजी से काम हो रहा था, लेकिन सीएलयू के नए लाइसेंस पर लगी रोक से इन परियोजनाओं पर खतरा मंडराने लगा है।

इसलिए लगी रोक?
एनसीआर के साथ सटे गुड़गांव और फरीदाबाद के विस्तार में बिना सब रीजनल प्लान बनाए ही भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा था। इस संबंध में दाखिल अलग -अलग अर्जी पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि सब रीजनल प्लान की अधिसूचना जारी किए बिना एनसीआर में मास्टर प्लान को फाइनल नहीं किया जा सकता। ऐसे में रीजनल प्लान की अधिसूचना जारी होने तक सीएलयू के नए लाइसेंस जारी करने पर रोक रहेगी।

क्या पड़ेगा असर?
प्रॉपटी विशेषज्ञ कार्तिक तिवारी बताते हैं कि मास्टर प्लान 2031 को मंजूरी मिलने के बाद अस्तित्व में आए गुड़गांव एक्सटेंशन में 3500 से 4000 रुपए प्रति वर्ग फुट में आशियाना मिल रहा है। शहर के विस्तार को लंबे समय में निवेश के लिए पहली पसंद के तौर पर देखा जा रहा है। इसमें देरी होती है तो निश्चित है कि कीमत भी बढ़ेगी। सेज निरस्त होने के बाद साइबर सिटी के आर्थिक विकास की रफ्तार पहले ही धीमी थी। अब रीजनल प्लान की अधिसूचना जारी होने में देरी होती है तो इससे और भी बुरा असर होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें