गैस एजेंसियों से पांच किलो के सिलेंडर आसानी से नहीं मिल पाते हैं। आवेदक को छोटा सिलेंडर लेने के लिए पूरी प्रक्रिया करनी पड़ती हैं। सभी दस्तावेज देने के बाद ही कनेक्शन मिलता है।
इसका फायदा बाजार में छोटा सिलेंडर बेचने वाले विक्रेता उठाते हैं। इनकी दुकानों में बिना आईडी प्रूफ दिखाए ही सिलेंडर मिल जाता है। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर का कहना है कि यदि कंपनियां कनेक्शन के नियमों में शिथिलता बरते तो कनेक्शनों की संख्या बढ़ सकती है।
आवेदक केवल कोई प्रूफ दिखाएं और उन्हें आसानी से छोटा सिलेंडर मिल जाए। इसका यह फायदा होगा कि बाजार में बिकने वाले नकली सिलेंडराें पर रोक लगेगी। साथ ही गैस की चोरी भी नहीं होगी।