उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि छह फरवरी को आरोपियों ने नए नोट उपलब्ध कराने वाले पीडी गुप्ता के कर्मचारी सूर्य प्रताप को बंधक बना लिया था। नोटों की बड़ी खेप ट्रांसपोर्ट के जरिए गोखले मार्केट, तीस हजारी पहुंची थी। वारदात के समय आरोपियों ने पुलिस की वर्दी पहनी हुई थी। आरोपियों ने कार में बिठाकर सूर्य से नोटों के बारे में पूछा। बाद में उसे गोपालपुर बुराड़ी के पास कार से उतारकर नोटों के साथ फरार हो गए। सब्जी मंडी थाना पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। लोकल पुलिस के अलावा जिले के स्पेशल स्टाफ, एएटीएस व दूसरी टीमों को भी लगाया गया।
32 लाख की रकम के सभी नोट 20-20 रुपये के रूप में थे, इसलिए पुलिस को पता था कि इनका इस्तेमाल शादी या दूसरे कार्यक्रम में किया जाएगा। पुलिस को पूरी उम्मीद थी कि आरोपी इन कारोबारियों को ही नए नोट बेचने का प्रयास करेंगे। पुलिस ने चांदनी चौक, मोती नगर, नजफगढ़, नरेला, शाहदरा, महरौली, दिल्ली व गाजियाबाद के कारोबारियों संपर्क कर अज्ञात लोगों से नोट खरीदने पर पुलिस को सूचना देने के लिए कहा था। मुख्य आरोपी सागर शाहदरा मार्केट में नोट बेचने पहुंच गया था। यहां से सूचना मिलने के बाद स्पेशल स्टाफ के एसआई रोहित सारस्वत व उनकी टीम ने आरोपी को दबोच लिया। बाद में एक-कर चारों आरोपियों को दिल्ली के अलग-अलग स्थान से पकड़ लिया गया। सीआईएसएफ के सिपाही को उसकी ड्यूटी के दौरान शहीद मोहित शर्मा, मेट्रो स्टेशन, साहिबाबाद से गिरफ्तार किया गया।
हवाला की रकम की मिली थी सूचना
पुलिस की पूछताछ में सागर ने बताया कि ट्रांसपोर्ट कंपनी के कर्मचारी मंजीत ने उसे सूचना दी थी कि हवाला के 32 लाख रुपये गोखले मार्केट में आएंगे। इन्हें लूटने पर कोई शिकायत नहीं की जाएगी। इस पर सागर ने भाई मनीष, दोस्त अनुज व बाकी अन्यों के साथ मिलकर साजिश रची। अनुज ने वर्दी और वॉकी टॉकी का इंतजाम किया। बाद में लूटपाट की वारदात को पुलिसकर्मी बनकर अंजाम दिया गया, लेकिन पीड़ित ने पुलिस को शिकायत कर दी। इसके बाद पूरी लूट से पर्दा उठ गया। सागर ने बताया कि भाई मनीष 26 लाख रुपये के साथ फरार है। पुलिस की टीमें मनीष की तलाश में दबिश दे रही हैं।