दिवाली के पांचवें दिन भी दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग की घनी चादर छाई रही। एनसीआर के सभी शहरों की हवा गुणवत्ता बेहद खराब से गंभीर स्तर के बीच रहने से लोगों को दमघोंटू हवा में सांस लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। हालांकि शनिवार दोपहर बाद हवा की गति में तेजी आई पर विशेषज्ञों ने प्रदूषण के स्तर में गिरावट आने की उम्मीद जताई है लेकिन समूचे एनसीआर वालों की सांसों पर अभी भी अगले हफ्ते तक संकट बरकरार रहेगा।
सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार की तुलना में हवा की तेज गति से दिल्ली के प्रदूषण स्तर में थोड़ा सुधार हुआ और दिल्ली पर पश्चिमी विक्षोभ का भी असर दिखा। इससे दोपहर बाद हवा की गति तेज हुई। शुक्रवार के 6 किमी प्रति घंटे की तुलना में शनिवार को यह 15 किमी प्रति घंटे हो गई है।
साथ ही शाम को हल्की बूंदाबांदी भी हुई। इससे शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर स्तर से सुधरकर बेहद खराब स्तर पर पहुंच गया। दिल्ली में यह 399 दर्ज किया गया। यही स्थिति गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद व गुरुग्राम में भी देखी गई।
6 के बाद बारिश की संभावना
मौसम विभाग के विशेषज्ञ कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का असर रविवार को खत्म हो जाएगा लेकिन सोमवार से हवा की गति ज्यादा होगी। इससे प्रदूषण के स्तर में गिरावट आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि 6 नवंबर के बाद दिल्ली में बारिश भी हो सकती है।
निर्माण कार्यों पर लगी पाबंदी का उल्लंघन करने पर डायरेक्टर, तीन इंजीनियरों समेत 34 गिरफ्तार
निर्माण कार्यों पर लगी पाबंदी का उल्लंघन करने के आरोप में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पांच रियल एस्टेट साइटों से 34 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें एक डायरेक्टर और तीन इंजीनियर भी शामिल हैं।
दिल्ली समेत एनसीआर का वायु गुणवत्ता सूचकांक
हापुड़ : 459
गाजियाबाद : 453
बुलंदशहर : 446
ग्रेटर नोएडा : 438
नोएडा : 432
फरीदाबाद : 404
दिल्ली : 399
गुरुग्राम : 364