दिल्ली के शकरपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली किशोरी (15 वर्ष) के मुताबिक उसके मामा सारन थाना क्षेत्र स्थित एक कॉलोनी में रहते हैं। रविवार की सुबह वह अपने मामा से मिलने के लिए घर से अकेली चली।
बदरपुर बॉर्डर पर पहुंची तो बाबू नाम का ऑटो चालक मिला। उसने जाने के लिए मामा की कॉलोनी का नाम बताया तो बाबू ने कहा कि वह भी वहीं रहता है और उसे छोड़ देगा।
रास्ते में उसकी बाबू से दोस्ती हो गई। बाबू किशोरी को पूरा दिन ऑटो पर लेकर घुमाता रहा। शाम को बाबू ने फोन कर अपने दोस्त धर्मेंद्र और एक अन्य युवक को बुला लिया। इसके बाद तीनों को डबुआ कॉलोनी के एक मकान में ले जाकर छोड़ने के बाद बाबू कहीं चला गया।