फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुलंदशहर: सिर पटक कर रोती रही मासूम, पटाखे बेच रहे पिता को ले गई पुलिस, वीडियो वायरल

Sat, 14 Nov 2020 11:15 AM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर
विज्ञापन
पुलिस की गाड़ी पर सिर पटककर रोती बच्ची - फोटो : ANI
विज्ञापन

उप्र के बुलंदशहर के खुर्जा थानाक्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद पटाखे बेच रहे एक व्यवसायी की दुकान पर पुलिस ने छापा मारा। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस पटाखा कारोबारी से हाथापाई कर उसे हिरासत में लेती नजर आ रही है। वहीं, कारोबारी की मासूम बेटी लगातार पुलिस के आगे गिड़गिड़ाती व गाड़ी पर सिर पटकती दिखाई दे रही है। वह पहले तो पिता के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की पुलिस से गुहार लगाती है, फिर देर तक सिर पटक-पटककर रोती रही, लेकिन पुलिस को उस पर तरस नहीं आई।  

विज्ञापन

 
घटना का वीडियो देखकर लोगों का गुस्सा भी भड़क उठा है। लोग वीडियो शेयर करते हुए सरकार पर हमला कर रहे हैं। वे सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि पहले पटाखों के लिए लाइसेंस जारी किया जाता है, उसके बाद जब विक्रेता अपनी सारी जमा पूंजी लगाकर पटाखे खरीद लेते हैं तो बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है।

दरअसल यह मामला खुर्जा कोतवाली के ग्राम मुंडाखेड़ा चौराहे का है। यहां पुलिस को पटाखा बिक्री की सूचना मिली थी, जिसके बाद कार्रवाई करने गई टीम के साथ दुकानदारों की नोकझोंक हो गई। एक दुकानदार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। 
विज्ञापन


सीएम योगी के आदेश पर छोड़े गए बच्ची के पिता 
इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद संज्ञान लिया है। सीएम योगी के आदेश के बाद दुकानदार को पुलिस ने छोड़ दिया है। इसके साथ ही सीएम योगी ने पटाखा विक्रेता के घर में वरिष्ठ अधिकारियों के हाथों दिवाली की मिठाई भिजवाई।

उन्होंने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। वहीं मामले में एसएसपी ने संज्ञान लेते हुए पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर किया है। 
 

विज्ञापन

परिवार के साथ बांटी मिठाई, पटाखे

यह देखकर दुकानदार की बेटी पुलिस वाहन पर सिर पटकती रही, लेकिन पुलिस ने उसकी एक ना सुनी और उसके पिता को हिरासत में ले लिया। घटना का वीडियो खूब वायरल हो गया। इसके बाद देर रात बुलंदशहर पुलिस ने पटाखा कारोबारी के परिवार और बच्ची के साथ मिठाइयां बांटकर धनतेरस मनाई।

अनुविभागीय दंडाधिकारी ने कहा कि हम नहीं चाहते थे कि बच्ची के मन में पुलिस के प्रति आक्रोश की भावना पैदा हो। इसलिए हमने उनके साथ दिवाली मनाई। हम यह संदेश भी देना चाहते हैं कि दिवाली सिर्फ पटाखे फोड़ने से नहीं होती, बल्कि परिवार के साथ मिलजुलकर मनाई जाती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें