फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फायर कर्मियों ने डीजल टैंक बचाए,जिंदगी भी

Sun, 10 Jan 2016 01:43 AM IST
अमर उजाला, साहिबाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
औद्योगिक क्षेत्र साइट-4 स्थित मोमबत्ती-अगरबत्ती फैक्ट्री के बाहर केमिकल के डिब्बों के साथ ही डीजल टैंक रखे हैं। केमिकल के डिब्बों में विस्फोट के साथ ही डीजल टैंक में भी आग लगने की नौबत आ गई।
विज्ञापन


गनीमत रही कि फायर ब्रिगेड ने समय रहते डीजल टैंक तक आग पहुंचने से रोक दी, वरना तबाही मच जाती। आग लगते ही हड़कंप मच गया। कर्मचारी घबराहट में दो मंजिला इमारत की छत पर पहुंच गए, जहां फंस गए।

बेसमेंट से लेकर पहली मंजिल तक आग लगी थी। फैक्ट्री की छत पर चीख-पुकार मची थी। घबराए कर्मचारी चिल्ला रहे थे। जब तक फायर ब्रिगेड और पुलिस पहुंची धुएं की वजह से कर्मचारी बेहोश होने लगे।
विज्ञापन


फैक्ट्री में रखे केमिकल के डिब्बों में धमाकों की तेज आवाज से कर्मचारियों की घबराहट बढ़ गई। एक के बाद एक 10 धमाके हुए। फायर ब्रिगेड और पुलिस ने फैक्ट्री में फंसे और बेहोश हुए कर्मचारियों को बाहर निकाला।

आग इतनी भीषण थी कि उसे बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड को साहिबाबाद, लोनी, वैशाली, नोएडा, दादरी समेत हिंडन एयरफोर्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक और सीईएल कंपनी के फायर टेंडर मंगाने पड़े।

लोगों ने बताया कि बेसमेंट में वेल्डिंग का काम चल रहा था, वही से आग लगी है। धमाका हुआ था, जिसके बाद आग तेजी से फैली।

एफएसओ वैशाली अक्षय रंजन ने बताया कि फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम ने फैक्ट्री के अंदर फंसे कर्मचारियों को दूसरे गेट से बाहर निकाला।

सरफराज को न बचा पाने का मलाल
कर्मचारियों ने बताया कि बेसमेंट में विस्फोट की आवाज आने पर सरफराज को फोन किया, लेकिन उसका फोन लगातार बंद आ रहा था। उसे बचाने के लिए जैसे लोग दौड़े आग ज्यादा फैल गई। जिस कारण वे छत पर भागे।

सरफराज को नहीं बचा सके, इसका मलाल है। उन्होंने बताया कि सरफराज बेसमेंट में वेल्डिंग का काम कर रहा था, उसे दिल्ली से बुलाया गया था।

भीड़ को काबू करना हुआ मुश्किल
आग लगने पर आसपास की फैक्ट्रियों और गांव के लोग भी जमा हो गए। भीड़ इतनी ज्यादा हो गई कि उनको काबू करना मुसीबत बन गया। पुलिस ने स्पीकर से घोषणा कर भीड़ को काबू करने कोशिश की, जिससे बचाव कार्य में तेजी बनी रहे।

कर्मचारी नहीं जानते थे, कैसे करें फायर एक्सटिंग्युशर का प्रयोग
फैक्ट्री में काम करने वाले किसी कर्मचारी को फायर एक्सटिंग्युशर का प्रयोग करना नहीं आता था। आग पर काबू पाने के साधन होते हुए भी कर्मचारी इनका प्रयोग नहीं कर सके। अगर इन्हें फायर एक्सटिंग्युशर का इस्तेमाल आता होता तो सरफराज की जान बचाई जा सकती थी।

दस दिन पहले ही शुरू हुई थी फैक्ट्री
इस फैक्ट्री को दस दिन पहले ही खोला गया था और इसके बेसमेंट में काम चल रहा था। फैक्ट्री के पास फायर विभाग की एनओसी भी थी और आग से बचाव के उपकरण भी लगे हुए थे।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें