सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब एनसीआर में डीजल बसों का रजिस्ट्रेशन भी बंद कर दिया गया है। परिवहन अफसरों ने दो हजार सीसी से बड़ी कारों के रजिस्ट्रेशन के साथ ही बसों को रजिस्टर्ड करना भी बंद कर दिया है।
एनसीआर के जनपदों में डीजल की स्कूल बसों, रीजनल बसों, एनसीआर बसों और लोकल परमिट की बसों का रजिस्ट्रेशन रोक दिया। इससे ट्रांसपोर्टर्स के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।
बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते सुप्रीम कोर्ट ने दो हजार सीसी से बड़ी कारों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी थी। साथ ही डीजल टैक्सियों का संचालन बंद करने के उनके स्थान पर सीएनजी टैक्सियां चलाने के आदेश दिए थे।
बसों के सिटी परमिट, लोकल परमिट, एनसीआर परमिट, स्कूल परमिट, कंपनी परमिट और रीजनल परमिट पर रजिस्ट्रेशन रोक दिए गए हैं। इन परमिटों पर केवल सीएनजी बसों का ही रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा।
एआरटीओ केपी गुप्ता ने बताया कि नए आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। मुख्य उद्देश्य प्रदूषण कम करना है। जिन वाहनों से प्रदूषण बढ़ेगा, उनका पंजीकरण नहीं किया जाएगा।
केवल नेशनल परमिट के रूप में दर्ज हो सकेंगी डीजल बसें
एआरटीओ प्रशासन ने बताया कि देश के सभी राज्यों में सीएनजी पंप नहीं हैं। वहां डीजल वाहन ही चलते हैं। ऐसे में नेशनल परमिट वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।
नेशनल परमिट पर चलने वाली बसों और ट्रकों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इनको एनसीआर से दूसरे जनपदाें-राज्यों को ही चलाया जा सकेगा।