नोएडा में सेक्टर 93ए स्थित सुपरटेक के एमरॉल्ड कोर्ट आवासीय टावर का कंपलीशन सर्टिफिकेट रद्द होने का खतरा बढ़ गया है। अग्निशमन विभाग ने इसके फायर की एनओसी रद्द कर दी है। अगर कंपलीशन सर्टिफिकेट को भी रद्द किया गया तो इनमें रहने वालों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
एमरॉल्ड कोर्ट के निवासियों ने यहां के 15 टावरों में आग की सुरक्षा से जुड़े पर्याप्त उपकरण न होने की शिकायत की थी। अग्निशमन विभाग ने इसकी जांच की। शिकायत सही मिलने पर इसकी एनओसी रद्द कर दी गई।
अग्निशमन विभाग ने इसके साथ ही प्राधिकरण से जारी हुए कंपलीशन सर्टिफिकेट (अधिभोग प्रमाणपत्र) को भी रद्द करने की सिफारिश कर दी है। अब प्राधिकरण इसकी जांच कर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा।
दरअसल, एमरॉल्ड कोर्ट में 660 फ्लैट बने हैं। 2008 में फायर एनओसी और कंपलीशन सर्टिफिकेट लेकर यहां लोगों को पजेशन दे दिया गया। एमरॉल्ड कोर्ट आरडब्ल्यूए के पूर्व अध्यक्ष आरपी टंडन के मुताबिक रेजिडेंट्स ने उसी समय परिसर में फायर सुरक्षा से जुड़े पर्याप्त उपकरण न होने की शिकायत की।
जांच होने के बाद शिकायत सही पाई गई और विभाग ने भी कुछ समय बाद ही फायर एनओसी रद्द कर दी, मगर आग से सुरक्षा के सभी मानक पूरे किए बिना ही सुपरटेक ने फिर से फायर की एनओसी प्राप्त कर ली। टंडन के मुताबिक रेजिडेंट्स ने वर्ष 2012 में फिर इसकी शिकायत अग्निशमन विभाग से की। तब से यह मामला चल रहा था।
हालांकि टंडन का कहना है कि प्राधिकरण ने खुद फायर एनओसी लेकर कंपलीशन जारी किया है। ऐसे में कंपलीशन रद्द करने के बजाय सुरक्षा मानकों को पूरा करवाना चाहिए। इसके बावजूद अगर प्राधिकरण ने कंपलीशन रद्द कर निवासियों को बाहर करने की कोशिश तो, इस मामले को भी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखा जाएगा। बता दें, कि एमरॉल्ड कोर्ट के दो टावरों एपेक्स और सियान से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही चल रहा है।
बिल्डर ने क्या-क्या शर्तें पूरी नहीं कीं?
एमरॉल्ड कोर्ट आरडब्ल्यूए के सदस्य एमके जैन के मुताबिक प्रत्येक टावर में दो सीढ़ियां होनी चाहिए। एक सीढ़ी रोजमर्रा के लिए इस्तेमाल होती है और दूसरी रेस्क्यू सीढ़ी। मगर सुपरटेक ने एक ही सीढ़ी बनाई है। रेस्क्यू सीढ़ी के अभाव में टावर के बाहर से लिफ्ट लगनी चाहिए थी, मगर वह भी नहीं लगी है।
जैन के मुताबिक एपेक्स और सियान टावर के बीच मात्र 4.8 मीटर की दूरी है, जबकि यह 16 मीटर होनी चाहिए। सुपरटेक ने ऊपरी तलों को जोड़ दिया है जो कि गलत है। आगजनी के समय लोग ऊपर नहीं, नीचे की तरफ भागते हैं। बेसमेंट व सेट बैक को भी गार्ड रूम और पार्किंग के लिए दे दिया है, जबकि यहां फायर उपकरण लगने चाहिए थे। आगजनी से निपटने के ऐसे कई उपायों की अनदेखी की गई है।
बढ़ सकती है निवासियों की परेशानी
फायर विभाग की सिफारिश के आधार पर प्राधिकरण ने कंपलीशन रद्द कर दिया तो यहां के निवासियों की परेशानी बढ़ सकती है। प्राधिकरण से जानकारी के मुताबिक कंपलीशन सर्टिफिकेट रद्द होने की स्थिति में बिल्डिंग को खाली करा लेने का प्रावधान है। अगर खाली कराया गया तो यहां के निवासियों को दिक्कत होगी।
दोबारा एनओसी का है प्रावधान
फायर विभाग ने जिन सुरक्षा उपायों की अनदेखी के चलते एनओसी रद्द की है, अगर सुपरटेक उसे पूरा कर देता है तो उसे दोबारा एनओसी मिल सकती है। इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। अगर कंपलीशन भी रद्द हो जाता है तो उसे दोबारा कंपलीशन लेने के लिए पेनाल्टी का भुगतान करना पड़ेगा।