राजधानी में पारा चढ़ने के साथ ही सोमवार को कई जगह आग लगने की घटनाएं हुईं। ओखला सब्जी मंडी में आग से कुछ दुकानें और ट्रक जल गया। वहीं, आरके पुरम इलाके में चलती एस्टीम कार में आग लग गई।
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खान मार्केट में ईडी कार्यालय में भी सोमवार दोपहर को आग लग गई थी। सभी जगहों पर आगजनी की घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। फायरब्रिगेड अधिकारियों के अनुसार सोमवार दोपहर को ओखला सब्जी मंडी के मोदी मिल की तरफ फुटपाथ पर कुछ दुकानों में आग लग गई।
दुकानों से आग पास में खड़े ट्रक तक पहुंच गई। ट्रक में फल व सब्जियों के कॉर्टून रखे हुए थे। आग से ट्रक जल गया। मौके पर पहुंची फायरब्रिगेड की आठ गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।
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ईडी के मुख्य कार्यालय में आग
आग बुझाते कर्मचारी
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
आरकेपुरम इलाके में सर्विस रोड पर सोमवार दोपहर को एक चलती मारुति एस्टीम सीएनजी कार में आग लग गई। धुआं उठता देख चालक शिवचरण ने कार रोक दी और नीचे उतर गया। कुछ ही देर में ही कार आग की लपटों में घिर गई। आग से कार पूरी जल गई।
सोमवार दोपहर को ही खान मार्केट स्थित ईडी के मुख्य कार्यालय में आग लग गई। आग लोकनायक भवन की छठी मंजिल पर स्थित ईडी ऑफिस में लगी थी। आग पर कुछ समय बाद काबू पा लिया गया। आग से लोकनायक भवन में भगदड़ जैसी स्थिति हो गई थी।
नंद नगरी के सुंदर नगरी इलाके में सोमवार दोपहर खड़ी हुई दो कारों में आग लग गई। खबर मिलते ही दमकल की दो गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया। हादसे में दोनों कारें बुरी तरह जल गईं। पुलिस मामला दर्ज कर आग के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। पुलिस के मुताबिक हादसा एफ-252, ओ-ब्लॉक, सुंदर नगरी में हुआ।
पारा चढ़ने के साथ दिल्ली में बढ़ा आग का ग्राफ
fire in delhi
- फोटो : fire in delhi
राजधानी की तेजी से बढ़ती जनसंख्या के साथ ही यहां आग हादसों में भी दिनों-दिन इजाफा हो रहा है। यही वजह है कि वर्ष 2015-16 में 3847 कॉल की बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले साल 23242 के मुकाबले इस साल 27089 कॉल आईं। वहीं पारा चढ़ने के साथ ही आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं।
अप्रैल माह में पारा चढ़ने के साथ ही 25 दिनों में 2695 कॉल आईं। आंकड़ों पर गौर करें तो आग की घटनाओं में इस साल मौतों का आंकड़ा भी बढ़ गया है। पिछले साल 291 के मुकाबले इस साल 339 लोगों की हादसों में जान चली गई।
दमकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि धीरे-धीरे राजधानी में ऊंची इमारतों का जाल बिछता जा रहा है। ऐसे में विभाग को आधुनिक उपकरणों से लैस भी किया जा रहा है। लेकिन बढ़ती जनसंख्या और भीड़ वाले इलाके दमकल विभाग के लिए चुनौती बनकर सामने आ रहे हैं।
वहीं कॉल मिलने के बाद समय पर मदद पहुंचाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती होता है। पिछले वर्षों के मुकाबले इस वर्ष पारा चढ़ने के कारण आग लगने की घटनाओं में इजाफा हुआ है। अप्रैल माह में 25 अप्रैल तक आग लगने की छोटी-बड़ी कुल 2595 वारदातें हुई, जिनमें 22 लोगों की जान चली गई, वहीं 164 लोग जख्मी हो गए।
हालांकि इन हादसों के प्रति जागरूकता और बचाव के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2015-16 में एजुकेशन वैन के जरिये 500 से अधिक स्कूलों के 80 हजार बच्चों को बचाव की ट्रेनिंग दी गई।
इसके अलावा करीब 200 टीचर्स को भी फायर सर्विस मैनेजमेंट अकादमी रोहिणी में विशेष ट्रेनिंग दी गई। वहीं व्यापार मेले व कनॉट प्लेस में होने वाली राहगीरी में भी लोगों को हादसों के समय बचाव के बारे में बताया गया।