हापुड़ के मोहल्ला शंकरगंज में मंगलवार रात करीब ढाई बजे एसी में हुए शार्ट सर्किट से घर में आग लग गई। आग में फंसे गाजियाबाद निवासी छात्र सौम्य जैन (17) की जलकर मौत हो गई।
आग इतनी भीषण थी कि पांच दमकल गाड़ियों को बुझाने में करीब चार घंटे लग गए। सौम्य अपनी मौसी के घर घूमने आया था। 12वीं के छात्र सौम्य का दो दिन पहले रिजल्ट आया था, जिसमें उसके 93 प्रतिशत अंक आए थे।
शंकर गंज निवासी मनोज कुमार जैन टिंबर व्यापारी हैं। उनकी पत्नी की बहन राजेंद्रनगर निवासी नीतू जैन अपने पुत्र सौम्य और पुत्री सृष्टि के साथ मंगलवार शाम यहां आई थीं।
रात में मनोज, उनकी पत्नी ममता, पुत्र मुदित, पुत्री श्रेया, नीतू, सौम्य और सृष्टि सो रहे थे। करीब ढाई बजे एयरकंडीशनर में शार्ट सर्किट होने से घर में आग लग गई।
आंख खुलते ही सभी बाहर दौड़े, लेकिन सौम्य अंदर ही फंस गया। मनोज ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। शीशा और जाली तोड़कर किसी तरह दमकल कर्मी घर में घुसे, लेकिन तब तक सौम्य दम तोड़ चुका था।
मेरठ-गढ़ से भी मंगाई थी दमकल गाड़ी
आग इतनी भीषण थी कि मेरठ और गढ़ से भी दो दमकल गाड़ियां मंगवानी पड़ी। किसी तरह सुबह छह बजे आग पर काबू पाया गया।
आग लगने से लाखों रुपये का सामान, कपड़े, आभूषण आदि जल गए। जिसका आकंलन अभी नहीं किया गया, लेकिन 30 लाख से अधिक का नुकसान है।
दमकल गाड़ी में पानी कम होने का आरोप
लोगों का आरोप था कि दमकल गाड़ी जिस समय मौके पर पहुंची तो एक गाड़ी में पानी कम था। जो कुछ ही देर में खत्म हो गया। दोबारा गाड़ी आने में भी काफी समय लग गया था।
एफएसओ समेत छह दमकल कर्मी भी घायल
शंकर गंज में आग बुझाने के प्रयास में सीढ़ी से गिरकर अग्निशमन अधिकारी आरके यादव को चोट लग गई।
जबकि शव निकालने और आग बुझाने मे लीडिंग फायर मैन ऋषिकुमार, फायरमैन लाखन सिंह, कांति प्रसाद, गंभीर सिंह, मनवीर, सुनील गोस्वामी के हल्की चोट आई है।
पैरेंट्स के सपने तोड़कर चला गया सौम्य
सीबीएसई 12वीं मेें 93 फीसदी अंक हासिल करने वाला मेधावी सौम्य जैन (17) अपने सपनों की उड़ान भरने से पहले ही दुनिया को अलविदा कह गया। वह छुट्टियों में मौसी के घर हापुड़ गया था और वहीं रिजल्ट देखा था।
अच्छे अंक लाकर बेहद खुश था और पार्टी भी की थी, लेकिन क्या पता था कि परिवार की खुशी एक दिन बाद ही सदमे में बदल जाएगी। राजेंद्र नगर स्थित सेक्टर-3 स्थित घर में बुधवार सुबह परिजन हापुड़ से सौम्य का शव लेकर पहुंचे।
उसके कुछ देर बाद हिंडन घाट पर सौम्य का अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रापर्टी डीलर अमित जैन ने बताया कि परीक्षा परिणाम आने के बाद से सौम्य काफी खुश था।
उन्होंने बताया कि हादसे से पहले सौम्य ने अपनी मौसी के यहां अन्य भाई-बहनों के साथ पार्टी की थी, जिसकी तस्वीर भी भेजी थी।
उनका कहना था कि वह अपने बेटे को कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते ऊंचाइयों पर देखना चाहते थे। मां नीतू जैन ने बताया कि सौम्य पढ़ाई में काफी तेज था। उसने मर्चेंट नेवी का इंटरव्यू दिया था, जिसमें उसका चयन हो गया था।