नोएडा से प्रदेश की पहली फायर बिग्रेड ऑनलाइन एप्लीकेशन की शुरुआत शुक्रवार को हुई। चौबीस घंटे मिलने वाली इस सुविधा के शुरू होने से अग्निशमन विभाग को एक नया कॉल सेंटर मिल गया है।
दरअसल, कहीं पर आग लग जाती है तो फोन करके फायर बिग्रेड को सूचना देनी पड़ती है। ऐसे में कई बार सटीक जगह और घटनास्थल का पता नहीं चल पाता, जिससे समय की बर्बादी होती है।
लिहाजा इस समस्या को दूर करने के लिए मेरठ रेंज की फायर डिवीजन ने एक निजी कंपनी के साथ मिलकर एप्लीकेशन बनाया है, जिसे स्मार्ट 24×7 के नाम से इसे लांच किया गया है।
फायर बिग्रेड के उप निदेशक अमन शर्मा ने बताया कि लगभग सभी के पास स्मार्ट फोन हैं। विभाग लोगों को जागरूक करेगा कि इस एप्लीकेशन को डाउनलोड करें और हादसा होने पर आपातकालीन बटन दबाएं।
उन्होंने बताया कि जैसे ही कोई आग लगने की जानकारी देगा, तो उसकी सटीक लोकेशन विभाग के कंट्रोल रूम पहुंचेगी। इसके अलावा वह वीडियो बनाकर भी भेज सकता है। इससे आग की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलेगी और आवश्यकतानुसार मदद पहुंचाई जा सकेगी।
एप्लीकेशन को बनाने वाली कंपनी स्मार्ट ग्रुप के संस्थापक सीपी सिंह ने बताया कि अग्निशमन विभाग के साथ इसकी शुरुआत हुई है। इसमें जल्द ही पुलिस और एंबुलेंस की सुविधा भी मिलेगी।
इसकी मदद से रिस्पॉन्स टाइम में करीब 10 मिनट बचाए जा सकते हैं, जिससे स्थिति पर जल्द नियंत्रण पाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि यह एप्लीकेशन लखनऊ, बंगलूरू और कश्मीर समेत अन्य शहरों से भी लॉन्च की जाएगी।
फायर ट्रकों में होंगे टैबलेट
योजना के मुताबिक जल्द ही फायर ट्रकों में टैबलेट लगाए जाएंगे। इसमें जीपीआरएस की सुविधा होगी। इसकी मदद से सटीक स्थान पर पहुंचने में कर्मियों को मदद मिलेगी। सीपी सिंह के अनुसार टैब की मदद से छोटे रास्तों की जानकारी भी मिलेगी।
गलियों में बाइक बुझाएगी आग
शहर के ग्रामीण क्षेत्रों में संकरी गलियों को देखते हुए मदद पहुंचने का काम बाइक सवार करेंगे। जानकारी के मुताबिक नोएडा प्राधिकरण को इस संबंध में प्रस्ताव दिया गया है और जल्द ही बेड़े में फायर बिग्रेड की बाइक भी नजर आएंगी।
परिचित को भी मिलेगी सूचना
आपातकाल में इस एप्लीकेशन की मदद से पुलिस, फायर, एंबुलेंस के साथ आपके किसी एक परिचित को दी जा सकती है। इसके लिए एलीकेशन रजिस्ट्रेशन के समय अपने किसी जानकार का नंबर देना होगा।