चुनाव आचार संहिता का पालन न करने वालों पर प्रशासनिक कार्रवाई अटकी हैं। आचार संहिता का उल्लघंन करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट कौन दर्ज कराए, इसको लेकर पुलिस-प्रशासनिक अफसरों में मतभेद है।
यही कारण है कि उल्लंघन करने वाले कई प्रत्याशियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जा सकी हें।
चुनाव आयोग ने आचार संहिता के पालन पर सबसे ज्यादा जोर दिया था। इसका पालन न करने वालों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रावधान है।
आचार संहिता का पालन कराने के लिए उड़नदस्तों, स्टेटिक टीमों, सर्विलांस टीमों और वीडियो निगरानी टीमों को लगाया गया है।
आचार संहिता के उल्लंघन पर रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों के मध्य विचार भिन्नता है। दोनों रिपोर्ट दर्ज कराने को एक-दूसरे पर टाल रहे हैं।
पुलिस और टीमों में सामजस्य बनाने तथा रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर भ्रम दूर करने के लिए डीएम ने बैठक बुलाई है। कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार शाम पांच बजे पुलिस-प्रशासनिक अफसरों की संयुक्त बैठक की जाएगी।
प्रशासन डाल रहा पुलिस पर जिम्मेदारी
एडीएम सिटी रक्षपाल पाल सिंह ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंस में चुनाव आयोग ने निर्देश दिए थे कि पुलिस अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। इसके बावजूद पुलिस अधिकारी रिपोर्ट दर्ज नहीं करा रहे हैं। यह गंभीर मामला है। इसको लेकर डीएम ने बैठक बुलाई है।