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मुंडका अग्निकांड: आखिर कैसे खड़ी हो गई इतनी बड़ी इमारत, बिल्डिंग में नहीं थे सुरक्षा के इंतजाम, उठ रहे ये सवाल

Sat, 14 May 2022 07:31 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

पुलिस ने इमारत के तीन मालिकों समेत पांच के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करायी गई है। जिसमें कहा गया है कि इमारत में बहुत बड़ी लापरवाहियां बरती जा रही थीं। 
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मुंडका में आग का तांडव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुंडका में जिस बिल्डिंग में आग लगी है उसमें बहुत बड़ी लापरवाहियां बरती जा रही थीं। इमारत में एमरजेंसी एग्जिट व अलग से एंट्रेस का प्रावधान नहीं थी। इमारत से अलग से निकलने का भी कोई रास्ता नहीं था। दिल्ली पुलिस ने मुंडका अग्निकांड को लेकर जो एफआईआर दर्ज की है उसमें इन बातों को माना है। ऐसे में दिल्ली पुलिस पर भी बड़ी लापरवाही बरतने के सवाल खड़े होते हैं। आखिर इतनी बड़ी इमारत कैसे खड़ी हो गई। आखिर समय से दिल्ली पुलिस ने ध्यान क्यों नहीं दिया। दिल्ली पुलिस ने इमारत के तीन मालिकों समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर की है। पुलिस ने शुरूआत में चार धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में आग वाली धारा नहीं लगाई है।

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दिल्ली पुलिस की मुंडका थाना पुलिस ने मुंडका अग्निकांड को लेकर मुंडका थाने में तैनात इंस्पेक्टर गुलशन नागपाल की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में कहा गया है कि आग बुझने पर जब इमारत का मुआयना किया गया तो पता लगा कि इमारत में आने व जाने के लिए केवल एक ही रास्ता है जो गली में अंदर की तरफ से बना हुआ है। इमारत में आग के समय 100 से ज्यादा कर्मचारी थे। इतने सारे कर्मचारी होने के बावजूद इमारत में सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए गए थे। 

इमारत के अंदर एमरजेंसी एग्जिट व अलग से प्रवेश का कोई प्रावधान नहीं था। अलग लगने की दशा में जान-माल की सुरक्षा का कोई उपाय न होने के बावजूद चारों तरफ से बंद व तंग बिल्डिंग में इतने ज्यादा कर्मचारी एकत्रित करके अपने फायदे के लिए इमारत मालिकों व कंपनी मालिकों ने लोगों की जान ली है।
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इमारत के मालिक सुशीला लाकड़ा, उसके पुत्र मनीष लाकड़ा व उनकी पुत्र वधु सुनीता लाकड़ा हैं। इन्होंने इस इमारत को व्यवसायिक गतिविधियों के लिए कोफे इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक हरीश गोयल व वरुण गोयल को दे रखा था। पुलिस ने इन पांचों लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। इमारत मालिक इमारत में चौथी मंजिल पर बने रिहायशी फ्लैट में रहते हैं। पुलिस ने कहा है कि बिल्डिंग के अंदर आग व धुंआ काफी ज्यादा था। बिल्डिंग से बाहर निकलने का एक ही रास्ता था। जो बिल्डिंग के साथ ही 15 फुटा गली में पीछे तरफ जाकर है।

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इमारत से कूदकर जान बचाई
एफआईआर में कहा गया है कि नंबर 193, मेन रोहतक रोड मेट्रो पिलर नंबर 544 के सामने स्थित इमारत में आग लगने की सूचना शाम 4.45 बजे मिली थी। ये 500 यार्ड स्क्वायड में बनी हुई है। आग की भीषणता को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा पुलिस स्टाफ को मौके पर बुलाया गया था। इसके बाद दमकल विभाग को सूचना दी गई थी। जांच में पता लगा कि आग लगने के बाद कुछ लोग पहले ही बिल्डिंग के शीशे तोड़कर दूसरी मंजिल से निकल चुके थे। ज्यादातर लोगों ने मेन रोड़ की तरफ कूदकर जान बचाई थी।
 
एफआईआर में आग की धारा नहीं लगाई
मुंडका थाना पुलिस ने एफआईआर चार धाराओं में दर्ज है, मगर उसमें लापरवाही से लगी आग की धारा आईपीसी 287 नहीं लगाई है। मुंडका पुलिस ने एफआईआर 308(गैर इरादतन हत्या का प्रयास), 304 (गैर इरादतन हत्या), 120बी (आपराधिक षडयंत्र) और 34 (एक से ज्यादा) में दर्ज की है। पुलिस ने एफआईआर में कहा है कि इमारत मालिक व कंपनी मालिकों ने जानबूझकर ऐसा कृत्य किया, जिससे लोगों की जान चली गई। पुलिस ने एफआईआर में पांच लोगों को नामजद किया है।
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