इस वजह के दायर की पीआईएल
सिंह ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि केजरीवाल द्वारा 28 मार्च को राउज एवेन्यू कोर्ट को संबोधित करने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) और अन्य विपक्षी दलों से जुड़े कई सोशल मीडिया हैंडल ने कोर्ट की कार्यवाही की वीडियो/ऑडियो रिकॉर्डिंग बनाई और उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया।
जनहित याचिका अधिवक्ता वैभव सिंह ने लगाए आरोप
सिंह ने कहा कि इस ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग के संबंध में पोस्ट को ट्विटर पर प्रसारित किया गया था। जिन परिस्थितियों में ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग वायरल हुई, उससे राजनीतिक दलों द्वारा न्यायपालिका की छवि खराब करने और इस देश के आम लोगों को गुमराह करने और आम जनता को यह दिखाने की गहरी साजिश की बू आ रही है कि न्यायपालिका सरकार के इशारे पर और केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के वीडियो पोस्ट करना अरविंद केजरीवाल और आप द्वारा रची गई साजिश का हिस्सा है। याचिकाकर्ता ने कहा, उपरोक्त परिस्थितियों से ऐसा लगता है कि अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के सदस्यों द्वारा अदालती कार्यवाही की ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग रिकॉर्ड करने की यह एक पूर्व नियोजित साजिश थी। केजरीवाल ने न तो पहले और न ही बाद में अदालत में अपना मामला पेश किया, जिससे पता चलता है कि 28 मार्च 2024 को अपना मामला पेश करना जनता की भावनाओं को भड़काने की किसी साजिश का हिस्सा था।