टैग के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद वाहनों का पूरा ब्योरा टोल प्वाइंट पर होगा। इससे वाहन मालिकों को भी एप के जरिये अपने वाहनों की स्थिति का पता चल सकेगा। इससे ट्रांसपोर्टरों को भी काफी राहत मिलेगी और किसी तरह की हेराफेरी की आशंका भी नहीं रहेगी। एप से वाहनों के रिचार्ज करवाने सहित तमाम आवश्यक जानकारियां पहले ही मुहैया कर दी जाएंगी ताकि आवागमन में किसी तरह की बाधा पेश न आए।
10 वर्ष पुराने वाहनों को नहीं मिलेगा प्रवेश
टैग के जरिये इकट्ठा हुए डाटाबेस से कितना साल पुराना वाहन है इसका पता लग जाएगा। अगर, कोई भी व्यावसायिक वाहन दिल्ली में प्रवेश करता है तो उन्हें टोल पर ही रोक लिया जाएगा। इसका भी वाहन चालकों को पहले से अलर्ट चला जाएगा, जिनपर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत 10 वर्ष से पुराने व्यावसायिक वाहनों को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा बल्कि उन्हें रोक लिया जाएगा।
अब कैश नहीं, टैग से ही होगा ईसीसी का भुगतान
ईपीसीए की सचिव सुनीता नारायण ने बताया कि व्यावसायिक वाहनों को पहले भी टोल चुकाना पड़ता था, लेकिन पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ईसीसी) के मद में राशि का नकद भुगतान करना पड़ता था। अब, टोल के साथ साथ ईसीसी का भी भुगतान टैग के जरिये ही किया जाएगा। इससे वाहन चालक कैशलेश भुगतान कर सकेंगे। रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
व्यावसायिक वाहनों के लिए टैग अनिवार्य करने से प्रदूषण स्तर में 50 फीसदी तक की कमी आ सकती है। दिल्ली में रोज प्रवेश करने वाले वाहनों से होने से करीब 60 फीसदी ट्रकों की वजह से प्रदूषण हो रहा है। इनमें करीब 40 फीसदी तादाद व्यावसायिक वाहनों की है।
दिल्ली में सालाना करीब 52 लाख व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश होता है। इनकी वजह से कार्बन डायऑक्साइड सहित अन्य गैसों की वजह से प्रदूषण होता है। ईपीसीए की सचिव सुनीता नारायण के मुताबिक आरएफआईडी प्रणाली के लागू होने से वाहनों, खासकर ट्रकों से होने वाले प्रदूषण में 50 फीसदी तक की कमी आएगी। रोजाना दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों की मौजूदा संख्या 65-70 हजार के बीच है।
पहले यह संख्या करीब एक लाख थी। इस पहल के तहत उन वाहनों के रूट डायवर्ट किए गए हैं, जिन्हें दिल्ली में प्रवेश करना जरूरी नहीं है। आरएफआईडी टैग को अनिवार्य किए जाने से भारी व्यावसायिक वाहन ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से होकर गुजरेंगे ताकि दिल्ली प्रवेश पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचा जा सके। दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों में से 40 फीसदी बड़े व्यावसायिक वाहनों की तादाद है। इनकी वजह से कुल प्रदूषण का करीब 60 फीसदी प्रदूषण होता है।
टैग से एंट्री में लगेगा पांच सेकेंड से भी कम वक्त
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के एडीसी रणधीर सहाय के मुताबिक आरएफआईडी टैग लागू होने से वाहनों के प्रवेश में महज तीन-पांच सेकेंड का वक्त लगेगा। इससे वक्त की बचत होगी।