71.3 प्रतिशत मतदान हुआ था छठवीं लोकसभा में
छठीं लोकसभा यानी 1977 के चुनाव में भी मतदान प्रतिशत अधिक रहा। नारा था हर हाथ को काम हर खेत को पानी। इस चुनाव में 71.3 प्रतिशत मतदान हुए थे। उस वक्त मतदाताओं के निकलने के पीछे जानकार मानते है कि सत्ता परिवर्तन की बयार बह रही थी। इसके साथ ही आपात काल की ज्यादतियां, महंगाई, नसबंदी, भ्रष्टाचार प्रमुख मुद्दा बना था। युवाओं को जेपी आंदोलन ने एक सूत्र में पिरोने का काम किया था।
1984 में इंदिरा गांधी की शहादत पर 64.5 फीसदी मतदान
इसके बाद एक दौर आया 1984 लोकसभा चुनाव का। 8वीं लोकसभा चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की शहादत व सहानुभूति की लहर पूरे देश में थी। राजीव गांधी के हाथ में सत्ता सौंपने को लेकर मतदाता वोट करने घर से बाहर निकले थे। उस वक्त चुनाव का प्रतिशत 64.5 प्रतिशत था। 1962 और 1967 लोकसभा चुनाव में 70 प्रतिशत के करीब मतदान हुए थे। 1984 लोकसभा चुनाव के बाद मत प्रतिशत का ग्राफ नीचे गिरा।
कमंडल मुद्दे व आडवानी की रथयात्रा में जनता ने नहीं ली रुचि
बोफोर्स मुद्दा को लेकर एक बार फिर मिस्टर क्लीन की भूमिका में पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह के नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया लेकिन वोट प्रतिशत मात्र 54.30 प्रतिशत ही रहा। कमंडल मुद्दे और आडवाणी की रथ यात्रा के बाद भी दिल्ली की जनता ने ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। प्रतिशत घट कर 48.52 प्रतिशत हो गया।
2014 में फिर बढ़ा मतदान प्रतिशत
मतदान बढ़ने का ट्रेंड एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वास के साथ बढ़ते दिखा। 2014 के चुनाव में दिल्ली की जनता ने 65.07 प्रतिशत मतदान किया हालांकि 2019 के चुनाव में मत का ग्राफ नीचे आया। 60.6 प्रतिशत जनता ने ही वोट किया।