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द्वारका एक्सप्रेसवे: सिग्नल फ्री सड़क पर फर्राटे से निकलेंगे वाहन, दिल्ली और हरियाणा की आवाजाही होगी आसान

Tue, 12 Mar 2024 04:18 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

करीब 40 किमी लंबी सिग्नल फ्री सड़क से दक्षिणी दिल्ली, दक्षिण पश्चिम और उत्तर दिल्ली सीधे एक्सप्रेस से जुड़ जाएंगे। इससे इन इलाकों की आवाजाही आसान हो जाएगी। उधर, यूईआर-3 से सोनीपत व झज्जर के लिए भी अलग से दो हाईवे बन रहे हैं। इससे इन शहरों की तरफ की आवाजाही भी बेहतर होगी।
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द्वारका एक्सप्रेसवे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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द्वारका एक्सप्रेसवे चालू होने से दिल्ली व हरियाणा की आवाजाही आसान हो गई है। वहीं, एक साल के भीतर वाया अर्बन एक्सटेंशन रोड यह एक्सप्रेसवे के मुसाफिर दिल्ली में रोहतक रोड और जीटी करनाल तक सिग्नल फ्री पहुंचना संभव होगा। इसके बाद दिल्लीवासियों को जाम लगने वाली सड़कों से गुजरने की मजबूरी खत्म होगी। वह यूईआर व एक्सप्रेस वे होते हुए अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे। दरअसल, द्वारका एक्सप्रेसवे से दिल्ली में कई सड़कें जुड़ती हैं। इसमें सबसे अहम एनएचआई की तरफ से विकसित की जा रही यूईआर-3 है। दिल्ली में जहां जयपुर हाईवे पर रंगपुरी के पास एक्सप्रेसवे खत्म होता है, वहीं से यूईआर की शुरुआत होती है। यह सड़क दिल्ली की सघन बसावट के बीच से गुजरती हुई रोहतक रोड और आगे जीटी करनाल रोड तक जाती है।

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करीब 40 किमी लंबी सिग्नल फ्री सड़क से दक्षिणी दिल्ली, दक्षिण पश्चिम और उत्तर दिल्ली सीधे एक्सप्रेस से जुड़ जाएंगे। इससे इन इलाकों की आवाजाही आसान हो जाएगी। उधर, यूईआर-3 से सोनीपत व झज्जर के लिए भी अलग से दो हाईवे बन रहे हैं। इससे इन शहरों की तरफ की आवाजाही भी बेहतर होगी। अधिकारियों का कहना है कि यूईआर-3 का बड़ा हिस्सा पूरा कर लिया गया है। इस साल के आखिर तक इसे चालू कर दिया जाएगा।

ऐसे होगी बेहतर आवाजाही
यूईआर-3 व द्वारका एक्सप्रेस वे से दिल्ली के साथ हरियाणा के सोनीपत, रोहतक, झज्जर, चरखी दादरी, लोेहारु में पहुंचना आसान हो जाएगा। वहीं, राजस्थान के सीकर, झुंझनु, चुरु आदि जिलों में भी जाना सुगम हो जाएगा। वहीं, राजधानी निवासियों का द्वारका एक्सप्रेसवे बनने से लिहाजा खाटू व सालासर जाने व आने में लोगों का एक से दो घंटे समय कम लगेगा। राजधानी निवासी बड़ी संख्या में नियमित तौर पर खाटू में श्याम बाबा और सालासर में हनुमान के दर्जन करने के लिए जाते है।
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2019 में रखी गई थी नींव

  • 9 मार्च, 2019 को तत्कालीन केंद्रीय मंत्रियों, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और नितिन गडकरी ने द्वारका एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखी थी।
  • द्वारका एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 29 किमी है, जिसमें से 18.9 किमी हरियाणा में पड़ता है, शेष 10.1 किमी दिल्ली में है
  • एक्सप्रेसवे एनएच-48 पर दिल्ली व गुरुग्राम के बीच यातायात प्रवाह को बेहतर बनाने और भीड़भाड़ को कम करने में मदद करेगा।
  • द्वारका एक्सप्रेसवे भारत का पहला एलिवेटेड 8-लेन एक्सेस कंट्रोल शहरी एक्सप्रेसवे है।
  • इसका निर्माण केंद्र की 60,000 करोड़ रुपये की राजमार्ग विकास योजना के अंतर्गत 9,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से हो रहा है।
  • द्वारका एक्सप्रेसवे का हरियाणा खंड लगभग 4,100 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।
  • हरियाणा में 10.2 किमी दिल्ली-हरियाणा सीमा से बसई रेल-ओवर-ब्रिज और 8.7 किमी बसई आरओबी से खेड़की दौला तक के दो पैकेज शामिल हैं।
  • आईजीआई हवाई अड्डे और गुरुग्राम बाईपास से सीधा संपर्क प्रदान करेगा।
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आज का भारत प्रगति की रफ्तार से कोई समझौता नहीं कर सकता : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत बड़े विजन का भारत है। ये बड़े लक्ष्यों का भारत है। आज का भारत प्रगति की रफ्तार से कोई समझौता नहीं कर सकता। और आप लोगों ने मुझे भली-भांति जाना भी है, पहचाना भी है, समझा भी है। आपने देखा होगा ना मैं छोटा सोच सकता हूं, ना मैं मामूली सपने देखता हूं, नहीं मैं मामूली संकल्प करता हूं। मुझे जो भी करना है विराट चाहिए, विशाल चाहिए, तेज गति से चाहिए। इसलिए कि मुझे 2047 में हिन्दुस्तान को विकसित भारत के रूप में देखना है दोस्तों। आपके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए जी-जान से जुटे रहना है।

सेक्टर 84 में आयोजित कार्यक्रम में 16 राज्यों को विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए पीएम ने कहा कि  देश ने आज आधुनिक कनेक्टिविटी की तरफ एक और अहम कदम उठाया है। आधुनिक तकनीकी के जरिये देश के कोने-कोने में लाखों लोग हमारे इस कार्यक्रम से जुड़े हैं। एक जमाना था, दिल्ली के विज्ञान भवन से कार्यक्रम होता था, देश जुड़ता था।

'पहले सरकारें छोटी सी योजना की डुगडुगी पांच साल तक पीटती थीं'
पीएम मोदी ने कहा, वक्त बदल चुका है, आज गुरुग्राम में कार्यक्रम होता है, देश जुड़ जाता है। हरियाणा ये सामर्थ्य दिखा रहा है। उन्होंने कहा, ये आधुनिक एक्सप्रेसवे गाड़ियों में ही नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के लोगों की जिंदगी में भी गियर शिफ्ट करने का काम करेगा।

मोदी ने कहा, पहले की सरकारें छोटी सी कोई योजना बनाकर, छोटा सा कार्यक्रम करके उसकी डुगडुगी पांच साल तक पीटती रहती थीं। वहीं, भाजपा सरकार जिस रफ्तार से काम कर रही है, उसमें शिलान्यास-लोकार्पण के लिए समय कम पड़ रहा है, दिन कम पड़ रहे हैं। 2024 के तीन महीने भी पूरे नहीं हुए और 10 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का या तो शिलान्यास किया है, या तो लोकार्पण हो चुका है। ये वे परियोजनाएं हैं जिनमें मैं खुद शामिल हुआ हूं।

द्वारका एक्सप्रेवे पर पैदल चलकर किया निरीक्षण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेवे पर पैदल चलकर निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी उसके साथ मौजूद रहे।

समस्याओं को संभावनाओं में बदल देना, ये मोदी की गारंटी : प्रधानमंत्री
मोदी ने कहा, समस्या व संभावना में सिर्फ सोच का फर्क होता है। समस्याओं को संभावनाओं में बदल देना, ये मोदी की गारंटी है। द्वारका एक्सप्रेसवे इसका बड़ा उदाहरण है। आज जहां द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण हुआ है, एक समय शाम ढलने के बाद लोग इधर आने से बचते थे। टैक्सी ड्राइवर मना कर देते थे इधर आने के लिए। इलाके को असुरक्षित समझा जाता था। लेकिन, आज कई बड़ी कंपनियां यहां प्रोजेक्ट्स लगा रही हैं। ये इलाका एनसीआर के सबसे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में शामिल हो रहा है।
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