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मुफ्त सफर पर खुशी, सुरक्षा पर उठाए यात्रियों ने सवाल, अमर उजाला ने जानी महिलाओं की राय

Thu, 29 Aug 2019 08:02 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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महिला बस यात्रियों से अमर उजाला ने की बातचीत - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए बस में मुफ्त सफर कराने की घोषणा कर दी है। ‘अमर उजाला’ ने महिला यात्रियों से इस फैसले पर बातचीत की तो कुछ ने खुशी जाहिर की, जबकि कुछ ने बस में सफर के दौरान सुरक्षा पर सवाल उठाए। वहीं, कुछ छात्रों का कहना था कि यह गरीबों के लिए तो ठीक है, सभी के लिए क्यों? इसमें गरीब पुरुषों को भी शामिल करना चाहिए। इसे राजनीति से प्रेरित निर्णय बताने में भी महिलाओं ने गुरेज नहीं किया। यह भी कहा कि बसों की संख्या बढ़ाने की भी जरूरत है।

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सरकार की पहल सराहनीय और सुविधाजनक
बसों की मुफ्त सवारी को महिलाओं के एक वर्ग ने सराहनीय कदम बताया। रेणु का कहना था कि थोड़ी दूरी तय करने के लिए बस का किराया 10 रुपया वसूल लिया जाता है। लंबी दूरी तय करनी हो और इसके लिए बस बदलना पड़े तो 40 रुपया तक खर्च करना पड़ता है। सरकार के इस फैसले से अच्छी सुविधा महिलाओं को मिलेगी। कामकाजी महिला संतोष ने कहा कि गरीबों के लिए यह निर्णय बेहतर है। 

तनख्वाह का एक बड़ा हिस्सा यातायात पर खर्च हो जाता है। अब जो किराया बचेगा उसे गृहस्थी के काम में लगा सकेंगे। विमला ने कहा कि यदि महीने में एक हजार रुपये भी बच जाते हैं तो बच्चों की परवरिश बेहतर तरीके से कर सकते हैं। कामकाजी महिला लंबी दूरी पर भी नौकरी कर सकेंगी। हालांकि, तीनों महिलाओं ने यह जरूर कहा कि बसों की संख्या बढ़नी चाहिए।
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महिलाओं को कमजोर समझ रही है सरकार

महिला बस यात्री - फोटो : अमर उजाला
एक ओर सरकार महिला सशक्तिकरण की बात कर रही है तो दूसरी ओर मुफ्त यात्रा कराकर उन्हें कमजोर दिखा रही है। लड़कियों के लिए बसों में सुरक्षा बेहद जरूरी है। राजनीतिक फायदे के लिए इस तरह का कदम यदि उठाया गया है तो इस फैसले से सहमत नहीं है। कॉलेज छात्रा प्रत्यक्षा ने सरकार के इस कदम को राजनीति से प्रेरित बताया। कहा कि गरीबों के लिए मुफ्त सफर तो ठीक है, इसमें गरीब पुरुषों को भी शामिल किया जाना चाहिए। ज्योति ने कहा कि बस में सफर के दौरान महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करे, इसकी चिंता सरकार को पहले करने की आवश्यकता है। सरकार पहले सुरक्षा बढ़ाए, फिर मुफ्त सफर। 
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उच्च शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त हों

बस में सवार होती महिला यात्री - फोटो : अमर उजाला
जेएनयू के एक छात्र संजीत का कहना है कि मुफ्त यात्रा सिर्फ महिलाओं को ही क्यों देने की जरूरत है? गरीब पुरुषों को भी सुविधा मिलनी चाहिए। वोट बैंक की राजनीति सरकार कब तक करेगी। सरकार को रोजगार देने चाहिए, ताकि ना कोई भूखा रहे और ना ही कोई मुफ्तखोरी का मोहताज बने। उच्च शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त होनी चाहिए।
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