एक ओर सरकार महिला सशक्तिकरण की बात कर रही है तो दूसरी ओर मुफ्त यात्रा कराकर उन्हें कमजोर दिखा रही है। लड़कियों के लिए बसों में सुरक्षा बेहद जरूरी है। राजनीतिक फायदे के लिए इस तरह का कदम यदि उठाया गया है तो इस फैसले से सहमत नहीं है। कॉलेज छात्रा प्रत्यक्षा ने सरकार के इस कदम को राजनीति से प्रेरित बताया। कहा कि गरीबों के लिए मुफ्त सफर तो ठीक है, इसमें गरीब पुरुषों को भी शामिल किया जाना चाहिए। ज्योति ने कहा कि बस में सफर के दौरान महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करे, इसकी चिंता सरकार को पहले करने की आवश्यकता है। सरकार पहले सुरक्षा बढ़ाए, फिर मुफ्त सफर।
बस में सवार होती महिला यात्री
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जेएनयू के एक छात्र संजीत का कहना है कि मुफ्त यात्रा सिर्फ महिलाओं को ही क्यों देने की जरूरत है? गरीब पुरुषों को भी सुविधा मिलनी चाहिए। वोट बैंक की राजनीति सरकार कब तक करेगी। सरकार को रोजगार देने चाहिए, ताकि ना कोई भूखा रहे और ना ही कोई मुफ्तखोरी का मोहताज बने। उच्च शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त होनी चाहिए।