डीटीसी और क्लस्टर बसों में महिलाओं के मुफ्त सफर के परिवहन विभाग के प्रस्ताव को दिल्ली कैबिनेट ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में फैसला लिया गया कि इस योजना के तहत महिलाएं भैया दूज यानी 29 अक्टूबर से डीटीसी और क्लस्टर की सभी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी।
कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि योजना के दायरे में दिल्ली के साथ एनसीआर की महिलाएं भी आएंगी। योजना को क्षेत्रीय परिधि से बाहर रखा गया है। हालांकि, योजना का लाभ लेने वाली दिल्ली सरकार व स्थानीय निकायों की महिला अधिकारियों व कर्मचारियों को यात्रा भत्ता नहीं मिलेगा। यात्रा भत्ता लेने की स्थिति में विभागों, स्थानीय निकायों, स्वायत्त संस्थाओं को अपने अधीन काम कर रही महिला कर्मियों से अंडरटेकिंग लेनी होगी कि वह मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं ले रही हैं।
कैलाश गहलोत के मुताबिक, इसके अलावा योजना लागू होने के बाद दिल्ली सरकार का परिवहन विभाग, केंद्रीय वित्त मंत्रालय को जानकारी देगा कि वह दिल्ली में भारत सरकार के सभी मंत्रालयों, विभागों, स्वायत्त निकायों को भी इससे जुड़े आदेश जारी कर दे। इससे कोई सरकारीकर्मी योजना को गलत फायदा नहीं उठा सकेगा। महिला कर्मी या तो सरकार से यात्रा भत्ता लेंगी या योजना के तहत सफर करेंगी।
दस रुपये तय हुई पास की कीमत
कैलाश गहलोत ने बताया कि डीटीसी व क्लस्टर बसों में औसतन 40 लाख यात्री रोज सफर करते हैं। इनमें करीब 30 फीसदी महिलाएं होती हैं। वहीं, टिकट की कीमत पांच रुपये से 25 रुपये के बीच है। डीटीसी व क्लस्टर बसों की कमाई का औसत निकालने पर हर यात्री पर करीब दस रुपये बैठता है। इस लिहाज से पास की कीमत दस रुपये तय की गई है।
पांच माह के लिए 140 करोड़ रुपये का प्रावधान
दिल्ली सरकार ने मानसून सत्र के दौरान योजना के लिए अनुपूरक अनुदान मांग की तौर पर विधानसभा से 140 करोड़ रुपये खर्च की इजाजत मांगी थी। सदन ने इसे पास भी कर दिया है। मौजूदा वित्त वर्ष के बचे पांच माह तक योजना लागू रहेगी। 140 करोड़ रुपये में से 90 करोड़ रुपये डीटीसी बसों पर व 50 करोड़ रुपये क्लस्टर बसों पर खर्च होगा।
डीटीसी बोर्ड में अभी योजना को मिलनी है मंजूरी
कैबिनेट से मंजूर परिवहन विभाग का प्रस्ताव अब डीटीसी बोर्ड में जाएगा। इसके बाद बोर्ड डीटीसी (फ्री एंड कंसेशनल पासेस) रेगुलेशंस, 1985 में संशोधन करेगा। कैबिनेट ने इसके निर्देश डीटीसी को दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह महज औपचारिकता है। इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
मेट्रो में योजना लागू करने में लगेगा समय
कैलाश गहलोत ने बताया कि डायरेक्टर की नियुक्ति के बारे में डीएमआरसी बोर्ड की बैठक बुलाने का निर्देश प्रबंधक निदेशक को दिया था। लेकिन अभी तक बैठक नहीं बुलाई गई है। ऐसे में मेट्रो में मुफ्त सफर के लिए महिलाओं को थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। उधर, अधिकारी बताते हैं कि दिल्ली सरकार इस साल के आखिर तक योजना के दायरे में मेट्रो को लाना चाहती है। इसके लिए 150 करोड़ रुपये बजट का भी इंतजाम किया गया है। लेकिन केंद्र के दखल से इस बारे में यकीन के साथ नहीं कहा जा सकता है कि योजना कब तक धरातल पर उतरेगी।
योजना इस तरह से होगी लागू
. डीटीसी और क्लस्टर बस में महिलाओं के लिए एकल यात्रा पास जारी किया जाएगा।
. हर पास के बदले में सरकार डीटीसी को 10 रुपये का भुगतान करेगी। क्लस्टर बसों के लिए भी यही नियम लागू होगा।
. अगर कोई महिला इस सुविधा का लाभ नहीं लेना चाहती है तो वह टिकट खरीद सकती है।
. दुरुपयोग को रोकने के लिए डीटीसी और डीआईएमटीएस को टिकट चेकिंग की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
. डीटीसी के निर्धारित नियमों के अतिरिक्त महिला यात्रियों के सामान के लिए कोई अलग से टिकट नहीं होगा।
. एयरपोर्ट और अन्य विशेष सेवाओं के लिए चलाई जाने वाली बसों में भी महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा स्कीम लागू होगी।
. एनसीआर में जाने वाली डीटीसी और क्लस्टर बसों में भी महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा स्कीम लागू होगी।
फैक्ट फाइल
डीटीसी का बेड़ा और यात्री
. डीटीसी के बेड़े में हैं 3,781 बसें।
. 30 लाख लोग रोज करते हैं सफर, औसतन 9 लाख महिला यात्री।
. योजना पर सरकार डीटीसी को देगी 90 करोड़ की सब्सिडी।
क्लस्टर का बेड़ा और यात्री
. क्लस्टर में चलती 1650 बसें।
. रोजाना करीब 10 लाख लोग करते सफर, 3 लाख के करीब महिला यात्री।
. 50 करोड़ के बजट का प्रावधान।