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Cyber Crime : नोएडा में महिला इंजीनियर को सात घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर 3.75 लाख की वसूली, वर्दी में थे जालसाज

Sun, 03 Mar 2024 05:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

स्काइप कॉल कर जालसाजों ने पुलिस ड्रेस में बात की और मुंबई से ताइवान जा रहे पार्सल में ड्रग्स होने की बात कहकर झांसे में ले लिया। इस दौरान महिला को काफी डराया धमकाया गया। जेल जाने के डर से महिला ने जालसाजों के खाते में रकम ट्रांसफर कर दी।
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Digital Arrest In Noida - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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साइबर जालसाजों ने महिला आईटी इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट कर उन्हें धमकाया और 3.75 लाख रुपये की वसूली की। स्काइप कॉल कर जालसाजों ने पुलिस ड्रेस में बात की और मुंबई से ताइवान जा रहे पार्सल में ड्रग्स होने की बात कहकर झांसे में ले लिया। इस दौरान महिला को काफी डराया धमकाया गया। जेल जाने के डर से महिला ने जालसाजों के खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। इस मामले में कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है और मामले की जांच कर रही है। 

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सेक्टर-45 स्थित आम्रपाली सफायर सोसाइटी निवासी चिराग ने पुलिस से शिकायत की है कि उनकी पत्नी सुकीर्ति वर्मा आईटी इंजीनियर हैं। कुछ दिन पहले सुकीर्ति के मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को फेडेक्स कोरियर सर्विस से बताया और कहा कि आपके नाम पर एक कोरियर मुंबई से ताइवान जा रहा था। जिसे कस्टम अधिकारियों ने मुंबई एयरपोर्ट पर रोक लिया है। इस कोरियर से ड्रग्स और चार पासपोर्ट के अलावा आपत्तिजनक सामान मिला है। इसके बाद फेडेक्स कोरियर सर्विस के कर्मचारी ने उनकी कॉल को एक कथित पुलिस अधिकारी के पास ट्रांसफर कर दी। 

कथित पुलिस अधिकारी ने महिला इंजीनियर को जेल भेजने का भय दिखाकर उनसे अकाउंट और अन्य जानकारी ले ली। फिर सुकीर्ति को कोरियर में ड्रग्स व आपत्तिजनक सामान होने का हवाला देकर जेल जाने की धमकी दी। इसके बाद खुद के पुलिस अधिकारी होने का भरोसा दिलाने के लिए जालसाजों ने महिला के मोबाइल पर स्काइप से वीडियो कॉल की, जिसमें जालसाजों ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। 
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शिकायतकर्ता के मुताबिक उनकी पत्नी ने डरकर फर्जी पुलिस अधिकारी के कहने पर बताए गए अकाउंट में 3,75,278 रुपए ट्रांसफर कर दिए। महिला किसी से अपनी समस्या बता न सके इसके लिए कथित पुलिस और कस्टम अधिकारियों ने लगातार सात घंटे तक वीडियो कॉल पर उसे जोड़े रखा। कॉल कटते ही महिला की तुरंत गिरफ्तारी होने की बात कही। जालसाजों ने महिला से यह भी कहा अगर कॉल बिना पैसे ट्रांसफर किए काटती है तो उनके साथ परिवार के लोगों को भी जेल जाना पड़ेगा। महिला ने पूरे पैसे ट्रांसफर कर दिए। जब और पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जाने लगा तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। माना ज रहा है इसके पीछे कोई नाइजीरियन गिरोह है।

क्या है डिजिटल अरेस्ट
डिजिटल अरेस्ट में मोबाइल लैपटॉप से स्काइप पर वीडियो कॉलिंग या अन्य एप के जरिए किसी पर नजर रखी जाती है। उसे डरा धमका कर वीडियो कॉलिंग से दूर नहीं होने दिया जाता है। यानी वीडियो कॉल के जरिए एक तरह से आरोपी को उसके घर में कैद कर दिया जाता है। इस दौरान न तो वह किसी से बात कर सकता है और न कहीं जा सकता है। उसे इतना डरा दिया जाता है कि डिमांड की गई रकम को वह ट्रांजेक्शन कर देता है। 

पिछले साल आठ घंटे डिजिटल अरेस्ट कर हुई थी ठगी
इस घटना से पहले भी पिछले साल नवंबर में नोएडा में एक डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया था। इसमें साइबर जालसाजों ने सेक्टर-34 निवासी युवती को आठ घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर 11.11 लाख रुपये की ठगी कर ली थी।  यह नोएडा में डिजिटल अरेस्ट का पहला मामला था।

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