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फीस विवाद : बेमियादी धरने पर अभिभावक नेता भी बैठे

Tue, 22 Apr 2014 12:22 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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प्राइवेट स्कूलों में मनमानी फीस वृद्धि को लेकर अभिभावकों में आक्रोश बढ़ रहा है। शिक्षा के नाम पर अभिभावकों की काटी जा रही जेब और स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अभिभावक मंच गाजियाबाद ने मोर्चा खोल दिया।
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कलक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। अभिभावकों की आवाज दबाने के लिए प्रशासन द्वारा थमाया गया धारा-144 के उल्लंघन का नोटिस भी काम नहीं आया। वहीं, वसुंधरा के वनस्थली पब्लिक स्कूल के 30 प्रतिशत फीस वृद्धि पर नोटिस जारी किया गया।

डापीएसजी आज देगा ब्योरा
डीपीएसजी प्रबंधन को प्रशासनिक कमेटी को मंगलवार को स्कूल के चार वर्षों के आय-व्यय का ब्योरा जमा कराना होगा। दूसरी बार आदेश की अवहेलना डीपीएसजी प्रबंधन को भारी पड़ सकती है। इससे पहले 19 अप्रैल को डीपीएसजी को ब्योरा जमा करना था, लेकिन स्कूल ने उल्टा कमेटी पर ही सवाल उठा दिए थे।
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नुक्कड़ नाटकों में भी गुबार
फीस वृद्धि के खिलाफ भड़के अभिभावकों को नुक्कड़ नाटक के जरिए नई दिशा दी जा रही है। यह मुहिम अनंत नाट्य कला संस्कृति के कलाकारों ने छेड़ी है। सोमवार की शाम राजनगर स्थित सेंट्रल पार्क में कलाकारों ने पब्लिक स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के कई सुझाव दिए।

नाटक के जरिए बताया गया कि फीस बढ़ोत्तरी पर कानून और आरटीआई के जरिए पब्लिक स्कूलों की नकेल कसी जा सकती है। नाटक में अनुजा शर्मा, सुभाष शर्मा, देव सिंह, गजेंद्र रावत, शुभांकर, विनीत शर्मा आदि मौजूद रहे।

भाजपाई आज देंगे ज्ञापन
निजी स्कूलों में हुई फीस वृद्धि के विरोध में मंगलवार को भाजपाई डीएम को ज्ञापन सौंपेंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद भारतीय ने बताया कि राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा जाएगा।

इसके साथ ही डीपीएसजी के पांच वर्ष के आय-व्यय के ब्योरे की जांच और अगले पांच वर्षों तक फीस वृद्धि न किए जाने का प्रावधान करने की मांग की जाएगी।

बच्चों के नाम कटने का डर
डीपीएस गाजियाबाद स्कूल में फीस वृद्धि और उसके बाद प्रबंधन के अड़ियल रवैए से अभिभावकों को अब डर लगने लगा है। बच्चों के नाम काटने और उन्हें परेशान करने की आशंका को देखते हुए सोमवार को कई अभिभावक बिना कमेटी के फैसले का इंतजार करे बैंकों और स्कूलों में फीस जमा कराने पहुंचे।
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कुछ ने बढ़ी हुई फीस जमा कराई। जो पुराने दर पर फीस जमा कराने पहुंचे, उन्हें बिना चेक लिए ही वापस भेज दिया गया।
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