फतवा जारी होने के बाद डॉ. इमाम उमेर की प्रतिक्रिया सामने आई है। जिसमें उन्होंने कहा है कि, 'मुझे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से आमंत्रण मिला था। मैंने दो दिनों तक विचार किया और फिर सद्भाव के लिए अयोध्या जाने का फैसला किया। फतवा कल यानी रविवार को जारी किया गया था, लेकिन मुझे 22 जनवरी की शाम से धमकी भरी कॉल आ रही है।'
डॉ. इमाम उमेर ने आगे कहा है कि 'मैंने कुछ कॉल्स की रिकॉर्डिंग की है, जिनमें कॉल करने वालों मुझे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। जो मुझसे प्यार करते हैं और देश से प्यार करते हैं, वे मेरा समर्थन करेंगे। जो लोग समारोह में शामिल होने के लिए मुझसे नफरत करते हैं, उन्हें शायद पाकिस्तान चले जाना चाहिए'।