बच्चों की शैतानी से रोजाना झगड़े होने लगे थे। आए दिन लोग जान से मारने की धमकी देकर जाते थे। इन धमकियों एवं झगड़ों के चलते साबू निर्दयी बन गया और उसे जंजीरों में जकड़े अपने मासूमों की चीख सुननी भी बंद हो गई थी।
पुलिस गिरफ्त में मौजूद साबूद्दीन उर्फ साबू ने हाथ जोड़ते हुए अपने दो मासूम बेटों को जंजीर में जकड़ने की वजह सामने रखी। पुलिस ने उसे आईपीसी की धारा 342 एवं धारा 23 बाल संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
रिक्शा चालक साबूद्दीन के आठ बेटे और दो बेटियां हैं। साबू कहता है कि उसे भी बच्चे प्यारे हैं, लेकिन रोज-रोज के झगड़ों ने उसे निर्दयी बना दिया था। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार कमलेश कुमार ने भी आरोपी साबू से मुरादनगर में पूछताछ की।
बंधन मुक्त हुए दोनों मासूम दिन-रात जंजीर से बंधे रहते थे। दिनचर्या के अलावा खाना एवं नहाना भी जंजीर में बंधे-बंधे होता था। करीब 10 मीटर लंबी जंजीर में बंधे बच्चे केवल मकान के भीतर घूम सकते थे। वहीं, साबू की पत्नी नफीसा कहती है कि बच्चों को सही करने के लिए जंजीरों से बांधा गया था। जिस व्यक्ति ने भी पुलिस से शिकायत की है, वह बर्बाद हो जाए।
डेढ़ माह तक कैद रखा
एक पिता की काली कारतूतों के किस्से सुने और पढे़ होंगे, लेकिन ऐसा शायद पहली बार सुना होगा कि शैतानी करने पर एक बेरहम पिता ने अपने दो मासूमों बच्चों को जंजीरों में जकड़ रखकर डेढ़ माह तक कैद रखा होगा।
मुरादनगर की नूरगंज कालोनी में दिल दहला देने वाली यह वारदात सामने आई है। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।
एसओ आरपी शर्मा के मुताबिक नूरगंज कालोनी में साबूद्दीन उर्फ साबू परिवार के साथ रहता है। परिवार में पत्नी नफीसा के अलावा आठ बच्चे है। साबू रिक्शा चलता है। बेटों में साबिर (25) पिछले माह से लापता है। इसके अलावा निजामुद्दीन, चांद, रूकसार, सोनी, आबिद, दानिश, नन्हें मकान में रहते हैं।
दरवाजा खोलकर देखा तो दंग रह गए
चामुंडा चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें सूत्र से सूचना मिली कि साबू ने अपने दो बेटों को पिछले डेढ़ माह से लोहे की जंजीरों से बांधकर कमरे में बंधक बना रखा है। सूचना पर पहुंची पुलिस को सूचना सही मिली।
छह वर्षीय आबिद और 10 साल का दानिश एक कमरे में बंद थे। दरवाजा खोलकर देखा तो पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। दोनों बच्चों को अलग-अलग जंजीर से बांध रखा था।
पुलिस ने दोनों बच्चों को बंधन मुक्त कराया और पिता को गिरफ्तार कर थाने ले आई। मामले में एसआई राजेंद्र सिंह की ओर से आरोपी पिता साबू के विरुद्ध धारा 342 आईपीसी एवं धारा 23 बाल संरक्षण अधिनियम के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई है। उधर, आरोपी पिता का कहना है कि दोनों बालक शैतानी करते थे। इसी लिए वह उन्हें सुधारने के लिए बांध देता था।