छावला के शिकारपुर गांव में सोमवार शाम गैंगवार में बदमाशों ने पिता-पुत्र की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतकों की पहचान विनोद
(45) और उसके बेटे कमल (19) के रूप में हुई है।
मृतक विनोद छावला में हुए सुनील उर्फ डॉक्टर की हत्या में शामिल धर्मेंद्र उर्फ माडू का पिता है। धर्मेंद्र को क्राइम ब्रांच ने सुनील की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार विनोद (45) सपरिवार शिकारपुर गांव में रहता था। सोमवार शाम करीब सात बजे कार सवार कुछ बदमाश उसके घर पहुंचे और उसे बाहर बुलाया।
विनोद के साथ उसका 19 साल का बेटा कमल भी आया
विनोद के साथ उसका 19 साल का बेटा कमल भी आया। दोनों के बाहर आते ही बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोली चला दी। पिता-पुत्र को तीन-तीन गोलियां लगीं।
सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और जख्मी पिता-पुत्र को अस्पताल पहुंचाया। जहां दोनों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मरने वाला विनोद धर्मेंद्र उर्फ माडू का पिता है। धर्मेंद्र ने गत 20 दिसंबर को घुम्मनहेड़ा निवासी गैंगस्टर नफे सिंह और मंजीत महाल के साथ मिलकर दीनपुर गांव में बुकी सूरजभान और सुनील उर्फ डॉॅक्टर पर गोलीबारी की थी।
ये रही हत्याकांड की वजह
इसमें सुनील की मौत हो गई थी। नफे सिंह का सूरजभान से रुपये को लेकर विवाद था। सुनील गैंगस्टर ज्योति और कपिल उर्फ नंदू का जीजा था। सुनील की हत्या की जानकारी मिलते ही कपिल उर्फ नंदू ने उसी रात घुम्मनहेड़ा में नफे सिंह के घर पर गोलीबारी कर दी थी।
इसमें नफे सिंह के पिता रामकिशन की मौत हो गई थी, जबकि नफे की मां और पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई थी। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए सुनील उर्र्फ डॉक्टर की हत्या में शामिल बदमाश धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था।
आशंका है कि हत्याकांड में धर्मेंद्र के शामिल होने की बात सामने आने पर ज्योति व नंदू गैंग के बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।