देश में किसानों की हो रही दुर्दशा, केंद्र सरकार द्वारा किसान से किए गए वायदे पूरे नहीं होने और मध्य प्रदेश में आंदोलनकारी किसानों पर गोली चलाए जाने की घटना की ओर सबका ध्यान आकर्षित करने के लिए भारतीय किसान यूनियन ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदर्शन करने का फैसला किया है।
सोमवार को भाकियू ने एलान किया है कि योग दिवस के दिन किसान अपने अपने क्षेत्रों में हाईवे पर शवासन करेंगे, जबकि सरकार को शीर्षासन कराएंगे। भाकियू के अध्यक्ष चौ. नरेश टिकैत और प्रवक्ता राकेश टिकैत ने ऐलान किया है कि देश भर के किसान 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अपने-अपने क्षेत्र में हाईवे पर योग करके अनोखे अंदाज में धरना देकर विरोध जताएंगे।
उन्होंने कहा कि किसानों से कर्ज माफी का वादा करके कई राज्यों में सत्ता हासिल करने वाली भाजपा एवं उसकी केंद्र सरकार अब खामोश है, जबकि भाजपा शासन में कर्ज से दुखी होकर आए दिन किसान आत्महत्या कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को जब किसानों ने वादा याद दिलाने का प्रयास किया तो उन पर लाठियां और गोलियां बरसाई गईं। इसके विरोध में किसानों ने सभी हाईवे पर शव आसन करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने सरकार को शवासन के दौरान यातायात बाधित करने के आरोप में किसानों पर बल प्रयोग नहीं करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर केंद्र सरकार को किसानों के नौ लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने, अन्य देशों से सरसों का आयात बंद करने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, रासायनिक खादों और कीटनाशकों पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने आदि मांगों के साथ सरकार को उसके वायदे याद दिलाने की कोशिश की जाएगी।