बिल्डरों द्वारा सोसायटी वासियों को बिजली के नाम पर परेशान करने के मामले में पिछले सप्ताह ही करीब 40 बिल्डरों को नोटिस भेजे थे। इनमें से केवल 3 बिल्डरों की ओर से बिजली विभाग को नोटिस का आधा-अधूरा जवाब दिया है। विद्युत विभाग के अफसरों ने नोटिस को पूरक नहीं मानते हुए पुन:नोटिस देने शुरू कर दिए हैं।
दरअसल, बिजली विभाग ने 500 और 1000 किलोवाट और उससे अधिक वाले 40 बिल्डरों को नोटिस भेजे थे। जिले में ऐसे करीब 100 बिल्डरों को नोटिस भेजे गए थे। इनमें से केवल 3 बिल्डरों ने नोटिस का जवाब दिया है।
किसी भी बिल्डर ने कोई सुबूत नहीं दिया है और न ही उन्होंने फ्लैट मालिकों को परेशान करने की बात कबूल की है। तीनों बिल्डरों के जवाब से विद्युत विभाग संतुष्ट नहीं है। अब सभी बिल्उरों को विद्युत विभाग ने नोटिस जारी किए हैं।
इसके अलावा जिन बिल्डरों की ओर से नोटिस का जवाब नहीं दिया है उनको भी रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर उन्होंने एक सप्ताह में जवाब नहीं दिए तो सोसायटी वासियों की बात को ही सही मानते हुए कार्रवाई करनी शुरू कर दी जाएगी।
अधिशासी अभियंता जेके गुप्ता ने बताया कि फ्लैट आवंटियों द्वारा लगातार शिकायत की जा रही है कि बिल्डर दूसरे चार्ज भी मीटर से ही काट रहे हैं। इसके अलावा बिजली विभाग की जो दर है, उससे कई रुपये प्रति यूनिट अधिक वसूले जा रहे हैं और बिजली व्यवस्था के नाम भी 20 से 50 हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
शिकायतों के आधार पर पहले भी करीब 40 बिल्डरों को नोटिस दिए जा चुके हैं। जबकि जिले में इस तरह के करीब 100 बिल्डर हैं जो फ्लैट मालिकों को तरह-तरह से परेशान कर रहे हैं।