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खास खबरः किसानों की मजबूरी, उचित मूल्य न मिलने पर दिल्ली का रुख करते हैं अन्नदाता

Fri, 11 Dec 2020 04:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली
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Narela Mandi - फोटो : AmarUjala
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नरेला अनाज मंडी में दिल्ली से ज्यादा पश्चिमी यूपी के किसानों की फसलें बिकने के लिए आती हैं जबकि कुछ फसलें हरियाणा से भी यहां लाई जाती हैं। इसके पीछे की बड़ी वजह यह है कि किसानों को यदि उनकी जिला मंडियों में ही उनकी फसलों का मूल्य सही समय पर मिलता तो उन्हें मजबूरन दिल्ली आकर अपनी फसल नहीं बेचना पड़ता। जबकि नरेला अनाज मंडी में किसानों को हाथोहाथ उनकी फसल की कीमत मिल जाती है। 

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दिल्ली की सबसे बड़ी नरेला अनाज मंडी में मौजूदा समय केवल धान की आवक हो रही है। यहां पर सर्वाधिक धान पश्चिमी यूपी का है। वृहस्पतिवार को भी यहां पर लगभग 25 हजार बोरी ( लगभग12.5 हजार कुंतल) धान पहुंचा था। इससे एक बात तो जाहिर है कि किसान आंदोलन के चलते नरेला अनाज मंडी में धान की आवक पर खास फर्क नहीं पड़ा। वृहस्पतिवार को केवल कानपुर से ही नरेला अनाज मंडी में 15 ट्रक धान पहुंचा। इसके अलावा अलीगढ़, काशगंज, मैनपुरी और इलाहाबाद से भी धान की गाड़ियां आईं। 

पिछले साल की अपेक्षा घटी धान की आवक
नरेला अनाज मंडी में पिछले साल की तुलना में इस साल धान की आवक कम है। एपीएमसी नरेला के सचिव पीके कौशिक के अनुसार पिछले साल तक यूपी में आढ़तियों को फसलों की खरीद पर चार प्रतिशत टैक्स चुकाना पड़ता था। तो वह किसानों की फसलें खरीदने में आनाकानी करते थे। अब केंद्र सरकार ने यह टैक्स घटाकर एक प्रतिशत कर दिया है। अब किसानों की फसलें स्थानीय आढ़ती खरीदने में दिलचस्पी ले रहे हैं। लेकिन किसानों को तुरंत पैसे का भुगतान करने के मामले में नरेला अनाज मंडी आगे है। जिसके कारण यहां अब भी धान की आवक बनी हुई है। 
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क्या कहते हैं किसान
- कायदे से देखा जाय तो फसल की बोली लगते समय एक सरकारी अधिकारी, एक किसान प्रतिनिधि होना जरूरी है। लेकिन यहां व्यापारी अकेले ही किसानों की फसलों की कीमत तय कर देते हैं। पैसा तुरंत मिल जाता है, इसलिए नरेला मंडी आना सही लगता है। - करण सिंह, किसान
- नरेला अनाज मंडी में भी वैसा ही हाल है, जैसा बाकी मंडियों में है। ढाई तीन सौ किलोमीटर दूर लाकर फसल बेचने के बाद भी इसका रेट तो व्यापारी अपने मन मुताबिक ही तय करते हैं। बस यहां पर फसल का पैसा तुरंत मिल जाता है। - मोनू उपाध्याय, किसान
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वृहस्पतिवार को आए धान की कीमत
बरायटी -रेट
सुगंधा -2250 रुपया प्रति कुंतल
ताज -2000 रुपया प्रति कुंतल
सरबती -1900 रुपया प्रति कुंतल
1121 -3100 रुपया प्रति कुंतल
1718 -1950 रुपया प्रति कुंतल
1509 -2400 रुपया प्रति कुंतल
10 नंबंर -1850 रुपया प्रति कुंतल

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