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मुआवजा नहीं मिलने पर किसानों ने की पंचायत

Sun, 18 Oct 2015 05:38 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, गुड़गांव
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ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा मिलने की बांट जोह रहे इलाके के किसानों को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बावजूद नहीं मिलने से नाराज इलाके के किसानों ने एक बार फिर बिरहेड़ा मोड पर एक पंचायत का आयोजन किया गया।
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इस पंचायत की अध्यक्षता वयोवृद्ध किसान नेता पंडित नित्यानंद ने की। नित्यानंद की इजाजत लेकर अनेक वक्ताओं ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

पं. नित्यानंद ने कहा कि जो सरकार किसान और मजदूरों के हितों की अनदेखी करती है। उसको गभीर परिणाम भुगतने पड़ते है। देश का किसान-मजदूर यदि सरकार बनाना जानता है, तो सरकार को चलता करना भी जानता है।

पिछले चार माह से इलाके के किसान अपने हक की लड़ाई के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि सरकार मुआवजा दे अन्यथा 29 अक्तूबर को बिरहेड़ा मोड पर इकट्ठा होकर किसान पद यात्रा कर जिला उपायुक्त कार्यालय गुड़गांव पहुंचकर धरना प्रदर्शन करेंगे।  वहां पर जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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प्रशासन देता है सिर्फ आश्वासन

पंचायत के संयोजक संजीव कुमार जमींदार उर्फ पप्पू ने कहा कि इलाके के किसानों को मुआवजे के लिए कई बार झूठे आश्वासन मिल रहे हैं। किसानों अपनी मांगों को मनवाने के लिए सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरना पड़ेगा।

सुखबीर तंवर ने कहा कि इलाके के  अनुसूचित जाति के परिवार के किसानों को एक भी गांव में मुआवजे के नाम पर एक रूपये नहीं दिया गया है। मुआवजे को लेकर अब आर-पार की लड़ाई होगी।

किसान क्लब के जिला अध्यक्ष राव मानसिंह चेयरमैन ने कहा कि विधायक व मंत्री जनता के बीच आकर आश्वासन देते रहते हैं कि एक हफ्ते में मुआवजा मिल जाएगा। अब दो हफ्ते बीत चुके हैं लेकिन मुआवजे के नाम पर एक भी रूपये किसी भी किसान को नहीं मिला है।

इलाके की जनता को अपना जायज हक पाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ता है। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण बात है। उन्होनें कहा कि विधायक जनता के बीच में आकर आश्वासन दे कि सरकार के पास धन नहीं है, तो वह मुआवजा नही मांगेंगे।
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